जोधपुर

एंटी करप्शन डे : सरकारी महकमों में अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सभी भ्रष्टाचार, सिर्फ एसीबी से आस

केन्द्रीय व राज्य सरकार के प्रत्येक विभाग में भ्रष्टाचार जड़ें जमा चुका है। लोगों में यह धारणा बलवती होने लगी है कि बगैर लेन-देन के सरकारी विभागों में कोई काम नहीं होता। ऐसी परिस्थितियों में रिश्वत देने में व्यक्ति अक्षम है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारी व कर्मचारियों पर नकेल कसने के लिए आमजन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पर आस टिकाए हुए हैं।
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anti corruption day, government officers and employees are corrupt
एंटी करप्शन डे : सरकारी महकमों में अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सभी भ्रष्टाचार, सिर्फ एसीबी से आस

विकास चौधरी/जोधपुर. केन्द्रीय व राज्य सरकार के प्रत्येक विभाग में भ्रष्टाचार जड़ें जमा चुका है। लोगों में यह धारणा बलवती होने लगी है कि बगैर लेन-देन के सरकारी विभागों में कोई काम नहीं होता। ऐसी परिस्थितियों में रिश्वत देने में व्यक्ति अक्षम है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारी व कर्मचारियों पर नकेल कसने के लिए आमजन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पर आस टिकाए हुए हैं। ब्यूरो में गत वर्ष की तुलना में इस साल रिश्वतखोरों पर कार्रवाई में इजाफा हुआ है। आरएएस अधिकारी व पुलिस उप निरीक्षक से लेकर कई विभागों के अधिकारी रिश्वत लेने पर जेल की हवा खा रहे हैं।

भ्रष्टाचार रोकने को तुरंत करें शिकायत
किसी भी सरकारी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार रोकने के लिए आमजन को पहल करनी होगी। राज्य सरकार के विभाग में भ्रष्ट अफसर व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और केन्द्र सरकार के सरकारी विभाग के लिए देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई की लालसागर स्थित एंटी करप्शन विंग में शिकायत की जा सकती है।

पिछले वर्ष की तुलना में दुगुनी कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसीबी ग्रामीण) भोपालसिंह लखावत ने बताया कि ग्रामीण चौकी की ओर से जनवरी से तीस नवम्बर तक नौ एफआइआर दर्ज की गई है। इसमें सात कार्रवाई रिश्वत लेने की है और दो पद के दुरुपयोग संबंधी। इसकी तुलना में वर्ष 2018 में 4 और वर्ष 2017 में सिर्फ दो मामले दर्ज किए गए थे।

आठ माह की प्रमुख कार्रवाई

- 18 अप्रेल : पत्थरगढ़ी का आदेश करने की एवज में एडीएम विजयसिंह नाहटा दस हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार।
- 10 मई : बजरी डम्पर मालिक से बीस हजार रुपए रिश्वत लेते पुलिस स्टेशन बासनी के उप निरीक्षक गजेन्द्रसिंह गिरफ्तार।
- 3 जुलाई : फार्मा दुकान का लोन लाइसेंस नवीनीकरण की एवज में रिश्वत पर आयुर्वेद विभाग के निरीक्षक इंदिवर भारद्वाज गिरफ्तार।
- 29 जुलाई : शराब दुकानदार से तीस हजार रुपए मासिक बंधी लेने के आरोप में आबकारी निरीक्षक मूमल गिरफ्तार।
- 11 सितम्बर : पांच हजार रुपए रिश्वत लेते रामपुरा भाटियान पटवारी सुनील चौधरी गिरफ्तार।
- 23 सितम्बर : बावड़ी एसडीओ का रीडर छोगाराम बिश्नोई दस हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार।
- 5 अक्टूबर : 12 हजार रुपए रिश्वत लेते फलोदी आबकारी थाने का पीओ लक्ष्मणसिंह व कांस्टेबल श्रवण कुमार बिश्नोई गिरफ्तार।
- 11 अक्टूबर : सीपीडब्ल्यूडी का सहायक निदेशक (होर्टिकल्चर) प्रदीप कुमार 50 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार।

Published on:
09 Dec 2019 11:32 am