
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक संभाग में जोधपुर जिले में ऐसे आवेदनों की संख्या सर्वाधिक है, जो अन्य विभागों से संबंधित होने के बाद संबंधित विभाग को हस्तांतरित किए गए। जोधपुर जिले में 1585, बाड़मेर जिले में 822, जैसलमेर जिले में 242, पाली जिले में 543, जालोर जिले में 153 तथा सिरोही जिले में ऐसेे 83 आवेदन गलत पते के कारण संबंधित विभाग को फॉरवर्ड किए गए। सूचना के अधिकार से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे आवेदनों को सही जगह पहुंचाने की समुचित जिम्मेदारी तय है, लेकिन इसके निर्वहन की केवल खानापूर्ति किए जाने से दिक्कत पैदा हो रही है।
आवेदक पीछे क्यों हटे
सूचना के अधिकार के तहत निर्धारित प्रक्रिया के तहत किए गए आवदेन वापस लेने के लिए आ रहे आवेदनों के पीछे किसी प्रकार के दबाव या ब्लैकमेलिंग को लेकर दफ्तरों में केवल कानाफूसी ही होती है। संभाग के जिलेवार आंकड़ें देखें तो इस साल जोधपुर में 18, बाड़मेर में 13, जैसलमेर में पांच, पाली में चार तथा सिरोही सात आवेदन वापस ले लिए गए।
कहां कितनी अर्जियां लंबित
जोधपुर - 212
8बाड़मेर - 728
जैसलमेर- 607
पाली- 768
जालोर - 574
सिरोही - 311
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सूचना दिलाने के लिए जिम्मेदार लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी का भान नहीं है या फिर राजनीतिक दबाव के चलते मांगी गई सूचना को येनकेन प्रकारेण टालने पर आमादा हैं। जिम्मेदार लोगों के असहयोग के चलते आम लोगों को सूचना के अधिकार के तहत प्रदत्त अधिकारों के इस्तेमाल में भी दिक्कत आ रही है।
-नंदलाल व्यास, आरटीआइ एक्टीविस्ट