
जोधपुर। प्रदेश में जोधपुर सहित बीकानेर, चुरू, श्रीगंगानगर, जालोर, पाली, जैसलमेर, जोधपुर और सीकर जिले के 65,500 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र में भूजल की स्थिति का आधुनिक तकनीक से पता लगाने की दिशा में केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने पहला कदम बढ़ाया है। जोधपुर सांसद और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में नई दिल्ली में उत्तर पश्चिमी भारत के सूखाग्रस्त क्षेत्र में हाई रिजोल्यूशन एक्विफर मैपिंग और प्रबंधन के लिए केंद्रीय भूजल बोर्ड और सीएसआईआर-एनजीआर, हैदराबाद के बीच एडवांस हेली बोर्न जियोफिजिकल सर्वे तथा साइंटिफिक स्टडीज को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। शेखावत ने कहा कि रिमोट तकनीक से इस सर्वेक्षण की शुरुआत गुजरात, राजस्थान और हरियाणा के सूखाग्रस्त एक लाख वर्ग किलोमीटर इलाकों से की जाएगी। पहले वर्ष में 54 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके बाद देशभर में 4 लाख वर्ग किलोमीटर में इस तकनीक से अध्ययन किया जाएगा।
ग्राम पंचायत तक पहुंचाएंगे डाटा
इस अध्ययन से जो परिणाम सामने आएंगे, उससे यह साफ होगा कि कहां किस तरह के जल संरक्षण की जरूरत है। एक लाख किलोमीटर से जो डाटा मिलेंगे उसे ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाया जाएगा। शेखावत ने यह भी कहा कि पूर्व में पानी को जितनी प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी, उतने नहीं दी गई है। हमें एक साथ मिलकर काम करना होगा। ठीक से जल का प्रबंधन करना होगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान, महाराष्ट्र सहित देश के तमाम हिस्सों में जल संरक्षण पर सरकार, गैर सरकारी संगठन और व्यक्ति विशेष ने अच्छे काम किए हैं।