जोधपुर

Jodhpur News: ‘कलर्स ऑफ राजस्थान’ के छाए रंग, सिंधी कढ़ाईकारी व चांदीकारी कला ने लुभाया

राजमहल गर्ल्स गवर्नमेंट स्कूल में पाटी और लैंड टीचिंग फेलोज ने ‘साठ गांठ’ वर्कशॉप का आयोजन किया, जिसमें पारंपरिक गांठ लगाने की तकनीक को सांस्कृतिक जुड़ाव के रूप में प्रस्तुत किया गया।
less than 1 minute read
Oct 06, 2025
Jodhpur Arts Week
वर्कशॉप में पारंपरिक गांठ लगाने की तकनीक सिखाते हुए। फोटो- पत्रिका

जोधपुर। राजस्थान पत्रिका पैट्रन में पाटी की ओर से आयोजित आर्ट्स वीक में फ्रांसीसी कलाकार गैसपर कॉब्स की भव्य शिल्पकला ‘कलर्स ऑफ राजस्थान’ मंडोर गार्डन में प्रदर्शित की गई। यह विशाल इंस्टॉलेशन साधारण बर्तनों को समकालीन कलात्मक रूपों में पुन: प्रस्तुत करता है।

प्रदर्शनी का वॉकथ्रू अपराजिता शर्मा (सहायक क्यूरेटर, पाटी) की ओर से संचालित किया गया और इसका उद्घाटन जोधपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त उत्साह चौधरी ने किया। इस अवसर पर एमा समनर, प्राची भट्टाचार्य और अन्य सांस्कृतिक सहयोगी भी उपस्थित रहे।

सांस्कृतिक गतिविधियों से जीवंत हुआ पुराना शहर

सहभागिता-आधारित कार्यशालाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों से जीवंत हो उठा। राजमहल गर्ल्स गवर्नमेंट स्कूल में पाटी और लैंड टीचिंग फेलोज ने ‘साठ गांठ’ वर्कशॉप का आयोजन किया, जिसमें पारंपरिक गांठ लगाने की तकनीक को सांस्कृतिक जुड़ाव के रूप में प्रस्तुत किया गया।

वहीं श्रीसुमेर स्कूल में पांचवी पीढ़ी के इत्र-निर्माता सक्षम अरोड़ा ने शिल्पकारी इत्तर-निर्माण की दुनिया से परिचित कराया। उन्होंने दुर्लभ सामग्रियों और 1904 से चली आ रही परयूमरी परंपराओं को साझा किया।

सिंधी कढ़ाई और चांदीकारी कला का प्रदर्शन

उद्घाटन के बाद अतिथियों ने ‘पैट्रन्स एंड फ्रेंड्स लंचन’ में भाग लिया, जो कलाकारों, संरक्षकों और सहयोगियों के बीच संवाद और विचारों के आदान-प्रदान का अवसर बना। इसी कड़ी में दासपा हाउस में ऋचा आर्या का वस्त्र-आधारित इंस्टॉलेशन मुय रहा, जिसे उन्होंने संग वेलफेयर सोसाइटी के सिंधी कढ़ाईकारों के साथ मिलकर तैयार किया। वहीं जेंजुम गादी की शिल्पकृति प्रस्तुत की गई, जिसमें उनकी व्यक्तिगत स्मृतियों को रोहित कुमार (पहली पीढ़ी के नेपाली शिल्पकार) की चांदीकारी कला के साथ संयोजित किया गया।

Updated on:
06 Oct 2025 07:19 pm
Published on:
06 Oct 2025 07:19 pm