जोधपुर

आसाराम यौन उत्पीडन मामले में 5 साल बाद मिली पीड़िता को आर्थिक मदद, 30 दिन के अंदर है सहायता का प्रावधान

आसाराम प्रकरणः नाबालिग के साथ यौन दुराचार मामले में पीड़िता को तीन लाख की नकद सहायता
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May 31, 2018
Asaram Rape case: Victim gets 3 lakhs compensation after 5 Years of molestation

जोधपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर की ओर से पीड़ित प्रतिकार योजना के अंतर्गत बहुचर्चित आसाराम मामले की पीड़िता को 3 लाख रुपए की सहायता राशि आवंटित की गई है। यह राशि पीड़िता के परिवार को चेक के माध्यम से भेजी गई। प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव निलेशसिंह चौधरी ने बताया कि प्राधिकरण के अध्यक्ष व सत्र न्यायाधीश नरसिंहदास व्यास के निर्देशन में राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011 के अंतर्गत उच्च न्यायालय के आदेश से पीड़ित नाबालिग को 3 लाख रुपए की सहायता राशि जारी की गई।

गौरतलब है कि इसी वर्ष 25 अप्रेल को अनुसूचित जाति जनजाति के विशिष्ट न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने आसाराम को जीवनपर्यंत कारावास की सजा सुनाई थी। फैसले में पीड़िता को सहायता राशि उपलब्ध कराने की अनुशंसा की गई थी। पोक्सो एक्ट के मामले में प्राधिकरण की ओर से इस योजना के प्रभाव में आने के बाद अंतिरम प्रतिकर और अंतिरम सहायता के रुप में 19 लाख रुपए राशि के अवार्ड पारित किए जा चुके है।

30 दिन के अंदर सहायता का प्रावधान -

योजना के अंतर्गत लैंगिक अपराध के मामलों में 30 दिन के भीतर आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। अन्य मामलों में दो माह में प्रतिकार प्रदान किया जाता है।

एसिड अटैक मामलों में तीन लाख तक की त्वरित सहायता -

तेजाब हमले के मामले में इस योजना के तहत विशेष प्रक्रिया अपनाई जाती है। ऐसी घटना के 15 दिन के भीतर पीड़ित को 3 लाख रुरए तक की राशि त्वरित गति से प्रदान की जाती है। अन्य मामलों में तथ्यों तथा परिस्थितियों के आधार पर राशि का आवंटन किया जाता है।

आज हो सकती है सुनवाई -

वही आपको बता दें कि नाबालिग से यौन दुराचार मामले में आसाराम क सहयोगी शिल्पी ने बुधवार को हाईकोर्ट में अपील दायर कर अनुसूचित जाति, जनजाति अदालत के फैसले को चुनौती दी है। अधिवक्ताओं के न्यायिक बहिष्कार के चलते बुधवार को अधिवक्ता पैरवी करने तो नहीं आए, लेकिन समय सीमा पूरी होते देख अपील पेश कर दी गई है। यह मामला एक जून को पूरक वाद सूची में लिस्ट में आ सकता है। वकीलों के हड़ताल के चलते शिल्पी के परिजनों को ही पैरवी करनी होगी। गौरतलब है कि इस मामले में अदालत ने आसाराम को 25 अप्रेल को आजीवन कारावास और उसके सहयोगी शिल्पी व शरद को बीस-बीस साल की सजा सुनाई थी।

Updated on:
31 May 2018 08:59 am
Published on:
31 May 2018 08:54 am