जोधपुर

Court News : आसाराम की एक और जमानत याचिका खारिज

आसाराम की एक और जमानत याचिका खारिजफर्जी दस्तावेज से जमानत लेने के प्रयास का मामलाजोधपुर. अपने सहयोगी के साथ मिलकर वर्ष 2016 में सुप्रीम कोर्ट में कूटरचित दस्तावेज के आधार पर जमानत लेने के प्रयास के मामले में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद आसाराम की ओर से जिला न्यायालय मे पेश की गई जमानत याचिका शनिवार को खारिज हो गई। अपर सेशन न्यायाधीश संख्या 5 के न्यायाधीश अहसान अहमद ने आर्डर मे लिखा कि अभियुक्त को जमानत का लाभ देना न्यायोचित नहीं है।
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Feb 04, 2023
Court News : आसाराम की एक और जमानत याचिका खारिज
Court News : आसाराम की एक और जमानत याचिका खारिज

आसाराम के अधिवक्ताओं ने सीआरपीसी की धारा 439 के तहत पेश जमानत प्रार्थना पत्र पर बहस करते हुए कहा कि मामले का मुख्य अभियुक्त रविराय मारवाह 19 दिन तक ही न्यायिक अभिरक्षा में रहा था, जबकि आसाराम लंबे समय से न्यायिक अभिरक्षा में है। आसाराम तथा सहआरोपी रवि के बीच में कोई रुबरू बातचीत नहीं हुई, टेलीफोनिक बातचीत का रिकॉर्ड भी अनुसंधान के दौरान संकलित नहीं किया गया। इसलिए आरोपी को जमानत दी जाए। अपर लोक अभियोजक चादंअली ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी पर आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए दस्तावेज की कूटरचना कर उसकी प्रति सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत कर अपने पक्ष में आदेश प्राप्त करने के प्रयास का गंभीर प्रकृति का आरोप है।कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आसाराम की जमानत याचिका खारिज कर दी।

यह है मामला

केंद्रीय कारागृह जोधपुर में बंद आसाराम ने विशेष जमानत का लाभ लेने के उद्देश्य से अपने साधक के माध्यम से तथाकथित जोधपुर सेंट्रल जेल अधीक्षक के नाम का 8 नवंबर 2016 को जारी कूटरचित दस्तावेज सर्वोच्च न्यायालय में पेश कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकार अनुचित रूप से फायदा लेने के उद्देश्य से आसाराम एवं उसके हितबंद अन्य व्यक्तियों द्वारा वकील के माध्यम से कूटरचित दस्तावेज पेश करने के मामले को गंभीर मानते हुए एफआइआर दर्ज कर अनुसंधान करने का आदेश दिया था। इस आदेश के आधार पर रातानाडा पुलिस थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर अनुसंधान किया, जोधपुर पुलिस को यह शिकायत सुप्रीम कोर्ट के सहायक रजिस्ट्रार ने 10 फरवरी 2017 को भेजी थी।

Published on:
04 Feb 2023 10:09 pm