
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जस्साराम बोस व उपखण्ड अधिकारी आलोक जैन ने आज सुबह मोर्चरी पहुंचकर वहां एकत्रित मृतक के परिजनों, मेघवाल समाज के अध्यक्ष रामचन्द्र लेखावत, गोपाराम बिरठ, पूर्व सरपंच महिपाल भादू, पूर्व प्रधान माणक मेघवाल, बन्नाराम भील, अशोककुमार मंघवाल, मोडाराम मेघवाल, पेंपाराम सदरी, मुल्तानाराम आदि से बातचीत की तथा घटना स्थल का मौका मुआयना भी किया। उन्होंने जांच अधिकारी बदलने, इस मामले की निष्पक्ष जांच करने, जांच की मॉनिटरिंग स्वयं एएसपी द्वारा करने का आश्वासन दिया। जिससे संतुष्ट हो कर मृतक के परिजनों ने मोर्चरी में रखा शव उठा लिया।
गौरतलब है कि मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए सोमवार को फलोदी लाया गया था। जहां दो डाक्टरों से पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने पांच डाक्टरों के बोर्ड से दुबारा शव का पोस्टमार्टम करवाने एवं सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने कीमांग को लेकर यह शव उठाने से इंकार कर दिया था।
यह है मामला -
सांवरीज निवासी रेंवतराम पुत्र अजमलराम मेघवाल ने भोजासर पुलिस को रिपोर्ट पेश कर बताया था कि उनके छोटे भाई बीराराम का मुकलावा (शादी) करीब १ साल पूर्व रणीसर निवासी बीरूराम की पुत्री शारदा से हुआ था। शारदा उसे पसंद नहीं करती थी। ससुराल पक्ष के लोगों ने बीराराम पर दबाव बनाकर करीब तीन माह पूर्व अपने गांव रणीसर ले गए और वहां एक कृषि फार्म पर जहां ससुराल पक्ष का परिवार काम करता है वहां उसे काम पर लगा दिया। रिपोर्ट मेें आरोप लगाया गया कि पत्नी शारदा के इशारे पर उसकी सास कमला, ससुर बीरूराम, प्रकाश, लाखाराम, रेशमा आदि ने मिलकर बीराराम की हत्या कर दी तथा सबूत नष्ट करने के लिए उसका शव खड़ी फसल में डाल दिया। इससे पहले रणीसर निवासी मोहनराम पुत्र बीरूराम मेघवाल ने भोजासर थाने में मर्ग दर्ज करवाकर बताया था कि उसका बहनोई बिरमाराम पुत्र अजाराम ट्यूबवेल पर अचानक बेहोस हो जाने से उसकी मौत हो गई है। (कासं)
---------