जोधपुर

मधुमक्खियों के हमले में दूल्हा-दुल्हन सहित एक दर्जन घायल

फलोदी क्षेत्र में एपिस डोर्सेटा मधुमक्खियों के हमले में नवविवाहित जोड़े सहित करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए है। एपिस डोर्सेटा मधुमक्खी एक गुस्सैल प्रवित्त की मधुमक्खी है।
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Apr 19, 2019
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मधुमक्ख्यिों के हमले में दूल्हा-दुल्हन सहित एक दर्जन घायल

फलोदी (जोधपुर). मधुमक्खियों की प्रजाति एपिस डोर्सेटा के आबादी क्षेत्रों में आने के बाद इनका आतंक भी नजर आने लगा है। फलोदी के सदावतां गांव के निकट गुरुवार को मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इससे मंदिर में दर्शन को आए नवविवाहित दूल्हा-दुल्हन सहित करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। मधुमक्खियों के काटने से शरीर में जलन में महसूस होने लगी। घायलों फलोदी के राजकीय चिकित्सालय लाया गया। जहां पांच मरीजों को भर्ती किया गया तथा अन्य को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। घायलों में एक शिक्षक भी शामिल है।


क्षेत्र के सदावतां गांव के निकट दोपहर सडक़ पर लोगों का आवागमन चल रहा था तथा इस दौरान एक समूह में काफी लोग साथ चल रहे थे। जो नवविवाहित दूल्हा-दुल्हन को मंदिर दर्शन के लिए ले जा रहे थे। यहां अचानक मधुमक्खियों ने लोगों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के काटने से घायल हुए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चाण्डों की ढाणी के वरिष्ठ अध्यापक भंवरलाल पालीवाल, उनका पुत्र कपिल, घाटी निवासी नेमाराम, पुखराज, सुगनी को राजकीय चिकित्सालय में भर्ती किया गया तथा अन्य 7-8 घायलों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।



मौके पर मची अफरा-तफरी
सदावतां के निकट हुए मधुमक्खियों के हमले में जैसे ही मधुमक्खियों का झुण्ड लोगों पर टूट पड़ा तो मौके पर लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई लोगों के कपड़ों में मधुमक्खियां घुस गई और जगह-जगह से काट दिया। कई घायलों के मुंह पर सूजन आ गई तो, कई के शरीर में जलन होने लगी। घायल भंवरलाल ने बताया कि मधुमक्खियों से बचने के लिए वे भागे, लेकिन मधुमक्खियों के झुण्ड ने पीछा करते हुए हमला बोल दिया। भंवरलाल के कपड़ों में भी कई डोर्सेटा मधुमक्खियां थी। उनको अस्पताल में बाहर निकाला गया।



पत्रिका ने जताई थी आशंका
राजस्थान पत्रिका ने 18 अप्रेल के अंक में ‘गुस्सैल मधुमक्खी डोर्सेटा ने आबादी में डाला डेरा’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इन बड़े आकार वाली मधुमक्खियों के हमले की आशंका जताई थी। गौरतलब है कि क्षेत्र में अधिकांश जगहों पर डोर्सेटा के ही छत्ते बने हुए है। जो किसी खतरे से कम नहीं है।

Updated on:
19 Apr 2019 10:26 am
Published on:
19 Apr 2019 10:26 am