
अरविंद सिंह राजपुरोहित/जोधपुर. आज की भागदौड़ भरी लाइफ में हर कोई तनाव में है। इस आपाधापी में कई लोग स्वास्थ्य पर ध्यान ही नहीं दे पाते हैं। तनाव, थकान भरी इसी लाइफ स्टाइल के बीच हमारे खान-पान व आदतों में भी बदलाव आ जाता है। इससे ब्लड प्रेशर के ज्यादा व कम होने जैसी समस्या हो जाती है। इसकी जांच नहीं कराने पर नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि बीमारी के पकड़ में आने पर इलाज आसान हो जाता है। ऐसे में हम किस प्रकार से स्वयं को फिट एवं हैल्थ के मामले में हिट रख सकते हैं जाने इस रिपोर्ट में-
क्या होता है ब्लड प्रेशर
हाइपरटेंशन को हाई ब्लड प्रेशर भी कहा जाता है। जब भी हमारा दिल धडक़ता है तो वह आर्टरीज के जरिए पूरे शरीर को ब्लड सप्लाई करता है। जिस प्रेशर के साथ ब्लड वेसल्स की दीवारों से टकराता है, उसे ब्लड प्रेशर कहा जाता है। ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी की समस्या या आंखों से जुड़ी बीमारियों की वजह बनता है।
कब शुरु करें जांच
चिकित्सकों के अनुसार समय-समय पर ब्लड प्रेशर का चैकअप करवाना आवश्यक है। रिस्क फैक्टर (फैमिली हिस्ट्री, स्मोकिंग, शराब पीने वाले आदि) वाले लोग हाई बीपी की जांच 25 साल की उम्र से शुरू कराएं। सामान्य लोग 35 साल की उम्र से यह टेस्ट कराएं। कुछ गड़बड़ी नजर आती है तो हर दो हफ्ते में बीपी की जांच कराएं। सामान्य होने के बाद एक-दो महीने में जांच करा लें। इसके अलावा घर में बीपी की जांच के लिए डिजिटल बीपी मशीन ले सकते हैं।
क्या करें
जूस पीएं, स्वस्थ आहार को दिनचर्या में शामिल करें, कोलेस्ट्रोल नियंत्रित करें। स्मोकिंग से परहेज, नमक का सेवन कम करना चाहिए। इसके साथ ही नियमित योग करें। आमतौर पर सुबह उठने में हम आलस्य महसूस करते हैं, लेकिन हैल्थ से बढकऱ कुछ नहीं। साथ ही गैजेट्स आदि का भी लिमिटेड यूज करना चाहिए। इनसे निकलने वाले रेडिएशन से भी कई सारी बीमारियां जन्म ले रही है।