
जोधपुर. लॉकडाउन के दौरान मंडोर क्षेत्र में दिनदहाड़े हिस्ट्रीशीटर की गोलियां मारकर हत्या करने वाले सहआरोपी को जिला न्यायालय ने जमानत देने से इनकार कर दिया। प्रकरण के अनुसार पिछले महीने की 17 तारीख को परिवादी रोहित विश्नोई ने मंडोर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवा कर बताया कि उसका बड़ा भाई विकास पूर्व में शादीशुदा था मगर पिछले 3 महीनों से वह एक महिला के साथ लिव इन रिलेशनशिप में किराए के मकान में रह रहा है। महिला भी पूर्व में शादीशुदा है। विकास द्वारा महिला को अपने साथ रखने पर उसके पीहर व ससुराल पक्ष रंजिश रखते हैं तथा उसे जान से मारने की धमकियां देते थे। 17 मई 2020 को बुद्धाराम,रामकिशोर,राजूराम तथा पंकज चारों एक राय होकर दो मोटरसाइकिल में आए तथा विकास को सब्जी की दुकान पर सब्जी खरीदते हुए खींच कर बीच सडक़ पर ले जाकर गोली मारकर दिनदहाड़े हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में से एक पंकज ने अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या दो में अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका पेश कर कहा कि मामले के अनुसंधान में समय लगने की संभावना है तथा आरोपी को झूठा फंसाया गया है। लोक अभियोजक अनिलसिंह देवड़ा ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ हत्या के संगीन आरोप में अनुसंधान चल रहा है। अपर जिला न्यायालय संख्या दो की पीठासीन अधिकारी नीतू आर्य ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद हनुमानगढ़ निवासी आरोपी पंकज पुत्र रामसिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी।