
जोधपुर
राजस्थान हाईकोर्ट ने महानिदेशालय कारागार की ओर से जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा 2015 में चयनित अभ्यर्थियों की वेटिंग लिस्ट में से रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं देने और इसी वर्ष 20 जुलाई को नई भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका में संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर 22 अक्टूबर तक जवाब तलब किया है।
याचिकाकर्ता कोजाराम व अन्य की ओर से अधिवक्ता महीपाल सिंह देवड़ा ने कहा कि अप्रार्थी विभाग की ओर से जेल प्रहरी भर्ती के लिए 29 अक्टूबर 2015 को विज्ञप्ति जारी की थी। इसमें शारीरिक दक्षता परीक्षण में सफल घोषित अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर वर्गवार सूची तैयार करने और आरक्षित सूची बनाकर इसे छह माह तक प्रभावी रखने को कहा था। लेकिन विभाग द्वारा रिक्त पदों के लिए नई विज्ञप्ति जारी कर दी जिसकी लिखित परीक्षा अगले माह संभावित है तो आरक्षित सूची में शामिल अभ्यर्थियों का क्या होगा।
अधिवक्ताओं ने किया न्यायिक कार्यों का बहिष्कार
राजस्थान उच्च न्यायालय के एकीकरण की मांग को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स और राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में अधिवक्ताओं ने सितंबर माह के अंतिम कार्यदिवस शनिवार को स्वैच्छिक हड़ताल रख न्यायिक कार्यों में उपस्थिति नहीं दी। अधिवक्ताओं ने दोनों एसोसिएशन अध्यक्ष क्रमश: रणजीत जोशी व सुनील जोशी की अध्यक्षता में राजस्थान उच्च न्यायालय परिसर में धरना भी दिया। एकीकृत उच्च न्यायालय की मंाग को लेकर जोधपुर के अधिवक्ता पिछले 42 वर्ष से हर माह उच्च न्यायालय के अंतिम कार्य दिवस को न्यायिक कार्यों का स्वैच्छिक बहिष्कार कर रहे हैं। धरने पर बैठने वालों में दोनों एसोसिएशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल थे।
नए प्रावधानों व संशोधनों के बारे में जागरूक रहें लोक अभियोजक
राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी निदेशक चन्द्रशेखर शर्मा ने लोक अभियोजकों को विधि के क्षेत्र में नए प्रावधानों और संशोधनों के बारे में निरन्तर जागरूक रहने की सलाह दी है। शर्मा राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी में सहायक अभियोजन अधिकारियों के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन समाारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता निदेशक अभियोजन रमेश शर्मा ने की।
कार्यशाला का संचालन करते हुए राज्य न्यायिक अकादमी के अतिरिक्त निदेशक (अकादमी) विश्वबंधु ने कार्यशाला के उद्देश्य की जानकारी दी। राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति संदीप मेहता और पीके लोहरा, एफ.एसएल के अतिरिक्त निदेशक रमेश चौधरी, सहायक निदेशक (अभियोजन) दिनेश तिवारी, सेवानिवृत उपनिदेशक (अभियोजन) प्रमोद वर्मा, अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. पुनीत सेतिया, साइबर क्राइम कंसलटेंट मुकेश चौधरी और अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शालिनी गोयल (गंगापुर सिटी, सवाईमाधोपुर) ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया गया।