
जोधपुर. शनिवार को ऑनलाइन आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय संख्या एक में अनोखा मामला सामने आया। कोरोना वायरस के चलते पारिवारिक न्यायालय में स्थापित बेंच में सुबह 11.00 बजे के करीब सन्नाटा छाया हुआ था। कुछ देर में महिला लिबास में दो लोग कोर्ट में उपस्थित हुए। साथ में दस साल का लडक़ा भी था।
कोर्ट रूम में घुसते ही उसमें से एक ने करीब-करीब पुरुष आवाज मे बोलते हुए कहा कि ‘मेरा नाम सदीक मोहम्मद है, मैंने अपना लिंग परिवर्तन करवा लिया है और अब मैं आरती बन गयी हूं। मैंने अपनी पत्नी हिना बानो के खिलाफ तलाक का मामला इसी कोर्ट में लगा रखा है, मैं अब अपनी पत्नी के ‘काम’ का नहीं रहा। इसलिए मुझे आज ही तलाक चाहिए। अचानक हुए इस तरह के वाकये से एकबारगी वहां उपस्थित जज, सदस्य तथा कोर्ट कर्मचारी आश्चर्य में पड़ गए हालांकि यह मामला पिछले तीन वर्षों से इसी फैमिली कोर्ट में चल रहा है।
पारिवारिक न्यायालय संख्या एक के पीठासीन अधिकारी महेंद्रकुमार सिंघल तथा लीगल एड सदस्य दीनदयाल पुरोहित ने दोनों को कोविड-19 गाइडलाइन की पालना में दूर-दूर खड़ा करके उनसे बातचीत करते हुए दोनों की बातें सुनी। महिला के कपड़े में आए पति द्वारा इस तरह से स्वयं के लिंग परिवर्तन करने के बाद पत्नी ने भी तलाक के लिए स्वीकृति दे दी। दोनों ने तलाक नामे पर हस्ताक्षर कर दिए। साथ आया दस वर्षीय पुत्र मां के पास ही रहेगा।