जोधपुर

विंटर में कच्ची घाणी के तेल का क्रेज

शहर में कई जगह परम्परागत तरीके से बना रहे हैं घाणी से तेल व कच्चर
less than 1 minute read
विंटर में कच्ची घाणी के तेल का क्रेज
विंटर में कच्ची घाणी के तेल का क्रेज

जोधपुर. ठंड में अब स्वाद के शौकिन जोधपुराइट्स का रुझान कच्ची घाणी की तरफ हो गया है। सर्द मौसम में तिल व इसके तेल से होने वाले फायदों को देखते हुए कच्चा तेल बनाने वाली घाणी पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। लोगों की मांग को देखते हुए शहर एवं इससे बाहर विभिन्न जगहों पर घाणी का तेल बेचने के लिए बाहर से विक्रेता आए हैं। यहां बैल की सहायता से बनाए जाने वाले तेल व इससे बनने वाले कच्चर (एक प्रकार का हलवा) को खरीदने के लिए लोग उमड़ रहे हैं। आइए जानते हैं तिल का तेल हैल्थ के लिहाज से किस तरह फायदेमंद है

समूह में बेच रहे हैं तेल

घाणी का तेल बेचने वालों में ज्यादातर लोग भीलवाड़ा, राजसमंद क्षेत्र के हैं। यहां समूह में आकर घाणी का तेल बेच रहे हैं। भीलवाड़ा से आए आए कन्हैयालाल गुर्जर ने बताया कि प्रतिवर्ष वे जोधपुर आकर तेल बेचते हैं। सेहत के लिए लाभदायीबहुत से तेल एेसे होते हैं जो हेल्दी होते हैं लेकिन उनका स्मोकिंग प्वाइंट काफी कम होता है। ऐसे में अगर उन तेलों को डीप फ्राई करने के लिए या फिर हाई फलेम पर पकाया जाता है तो वह काफी नुकसानदायक साबित होते हैं। जबकि तिल के तेल के साथ ऐसी कोई समस्या नहीं होती।

रोगों में लाभकारी

जिन लोगों को रूमेटोइड गठिया की समस्या है, उनके लिए तिल के तेल का सेवन बेहद ही लाभकारी है। दरअसल, तिल के तेल में जिंक व कॉपर पाया जाता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मददगार होता है।

Updated on:
17 Nov 2019 07:20 pm
Published on:
17 Nov 2019 07:20 pm