
जोधपुर. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल शनिवार को जयपुर से बाड़मेर जाते समय अल्प प्रवास के लिए जोधपुर रुके। यहां सर्किट हाउस में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। मीडिया से बात करते हुए बेनीवाल ने बताया कि रीट के लीक हुए पेपर प्रकरण में एसओजी की ओर से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डीपी जारोली को क्लीन चिट देना एसओजी व राजस्थान सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करता है। ईस्टर्न केनाल परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर केंद्र व राज्य दोनों की मंशा पर भी सवाल खड़े किए। सांसद ने कहा कि रीट पेपर के पूरे मामले में सीबीआइ जांच की जरूरत थी, क्योंकि पर्दे के पीछे ऐसे कई गुनहगार बैठे थे जिनका पर्दाफाश सीबीआइ जांच के बिना असंभव था। ऐसे गुनहगारों को बचाने के लिए सरकार ने जांच सीबीआइ को नही दी। सांसद ने कहा की एसओजी ने सरकार के दबाव में पूर्ण निष्पक्ष होके जांच नहीं की।
आंदोलन की तैयारी
बेनीवाल ने रीट मामले में सीबीआइ जांच की आवश्यकता बताई और कहा इसके आंदोलन को नए स्तर से शुरू करने को लेकर जल्द ही रणनीति बनाई जाएगी। उदयपुर की घटना के लिए पुलिस के इंटेलिजेंस का फेलियर बताया।
गहलोत सरकार पर निशाना
उन्होंने कहा कि राजस्थान में उमेश मिश्रा के पास एडीजी इंटेलिजेंस का जिम्मा है और उनकी बड़ी जवाबदेही तय करने के स्थान पर उन्हे डीजीपी का अतिरिक्त चार्ज दिया गया, क्योंकि उन्होंने गहलोत सरकार को डूबने से बचाने में भूमिका निभाई। इस मौके पर आरएलपी के प्रदेश अध्यक्ष व भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग भी उनके साथ रहे।