
जोधपुर.
जिन्दगी से जंग लड़ रहे होमगार्ड भागीरथ राणा की मदद के लिए कई मददगारों ने हाथ बढ़ाए हैं। मदद मिलने के बाद परिजनों को भागीरथ को जीवनदान मिलने की उम्मीद जगी है। मददगारों ने भागीरथ के इलाज के लिए एक ही दिन में करीब दो लाख की राशि जुटा कर उसके परिजन को सुपुर्द की है।
रविवार को राजस्थान पत्रिका में ' पांच माह से जिन्दगी के लिए संघर्ष कर रहा है भागीरथ ' शीर्षक से प्रकाशित खबर पढ़कर कई सामाजिक कार्यकर्ता मदद को आगे आए। कई लोग मथुरादास माथुर अस्पताल पहुंचकर भागीरथ की कुशलक्षेम पूछने के साथ उनकी मदद में सहभागी बने। भगत की कोठी निवासी पीयूष मेहरा व प्रेम मेहरा व उनके मित्रों ने भागीरथ को अहमदाबाद ले जाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था करने के साथ ही दो लाख की आर्थिक सहायता दी।
होमगार्ड नारायणलाल प्रजापत ने बताया कि मददगारों ने कैश, बैंक खाते में जमा करवाकर एवं चैक देकर सहायता दी है। बड़ी सहायता पीयूष मेहरा व उनके मित्रों ने दी। इसके अलावा खेमे के कुआं निवासी जितेन्द्र अग्रवाल, होमगार्ड ओमप्रकाश, रवि प्रजापत, विद्या भाटी आदि ने भी मदद में योगदान दिया है।
आर्थिक सहायता मिलने के बाद परिजनों को भागीरथ को जीवनदान मिलने की उम्मीद जगी है। रविवार शाम परिजन भागीरथ को अहमदाबाद सिविल अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हो गए। वहां भागीरथ की किडनी का प्रत्यारोपण करवाया जाएगा।
गौरतलब है कि मूल पीपाड़ व हाल भगत की कोठी निवासी होमगार्ड भागीरथ राणा पांच माह से किडनी बीमारी के कारण जिन्दगी से जंग लड़ रहा है। उसका इलाज एमडीएम अस्पताल में चल रहा था। किडनी प्रत्यारोपण के लिए चिकित्सकों ने उसे अहमदाबाद सिविल अस्पताल ले जाने के लिए कह दिया था। लेकिन भागीरथ का परिवार गरीब होने के कारण उनके लिए अहमदाबाद जाकर किडनी प्रत्यारोपण करवाना मुश्किल हो रहा था।
अन्य संस्थाओं ने भी दिया भरोसा
किडनी की बीमारी से पीडि़त भागीरथ के इलाज के लिए भारत सेवा संस्थान, जीरा मंडी के व्यापारियों आदि ने हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। संस्थान के नरपतसिंह कच्छावाहा ने बताया कि होमगार्ड भागीरथ के इलाज के लिए संस्थान हरसंभव सहायता के लिए तैयार है।