जोधपुर

भंवरीदेवी हत्या मामले में आरोपी परसराम को पांच दिन की अंतरिम जमानत

उदारता के आधार पर सामाजिक कार्यों के लिए रियायत
2 min read
Bhanwari Devi murder case: Parasram gets five-day interim bail
भंवरीदेवी हत्या मामले में आरोपी परसराम को पांच दिन की अंतरिम जमानत

जोधपुर.

राजस्थान हाईकोर्ट ने बहुचर्चित भंवरीदेवी अपहरण और हत्या प्रकरण के आरोपी परसराम विश्नोई को गुरुवार को पांच दिन की अंतरिम जमानत दे दी।

इस प्रकरण में संभवत: यह पहला मौका है जब किसी आरोपी को पुलिस अभिरक्षा के बिना अंतरिम जमानत मिली है।


न्यायाधीश पीके लोहरा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि याचिकाकर्ता गंभीर प्रकृति के अपराध में ट्रायल का सामना कर रहा है जो अब अंतिम दौर में है।

हालांकि मामले के तथ्यों की पृष्ठभूमि में याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत दी नहीं जा सकती है, लेकिन कोर्ट केवल उदारता के आधार पर सामाजिक कार्यों के लिए उचित अवधि तक रियायत दे रहा है।

कोर्ट ने परसराम को 15 फरवरी को सायं 5 बजे तक जेल से अंतरिम जमानत पर रिहा करने और 20 फरवरी को 1 बजे तक दुबारा सेंट्रल जेल में सरेंडर करने के आदेश दिए।

याचिकाकर्ता को 2 लाख रुपए का व्यक्तिगत मुचलका, अंतरिम जमानत की मियाद खत्म होने पर सरेंडर करने की अंडरटेकिंग सहित दो अन्य जमानत भी देनी होगी।

अधिवक्ता राजेश जोशी ने कोर्ट को बताया कि बेटी दिव्या तथा बेटे विक्रम विश्नोई के सगाई समारोह में शिरकत के लिए याची की उपस्थिति जरूरी है।

उन्होंने बताया कि 16 फरवरी को इस मांगलिक प्रसंग पर हवन व जागरण होगा। अगले दिन बिलाड़ा में याची की बेटी दिव्या की सगाई तथा 19 फरवरी को रोहिचा कलां में बेटे की सगाई का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

उन्होंने अंतरिम जमानत के पक्ष में दलील देते हुए कहा कि याची अब तक 68 महीने जेल में रह चुका है और अब इस स्थिति में उसके फरार होने जैसी कोई आशंका नहीं है।

सीबीआइ के विशेष लोक अभियोजक पन्नेसिंह ने अंतरिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि याची की छह जमानतें पूर्व में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी हैं।

इस प्रकरण में 197 गवाह हैं जिनमें 196 गवाहों का परीक्षण हो चुका है। केवल एक विदेशी गवाह का परीक्षण होना शेष है। उन्होंने कहा कि इस आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता कि अंतरिम जमानत का लाभ मिलने पर याची सरेंडर नहीं करे।

पहले भी याची के अंतरिम जमानत के आवेदन खारिज हो चुके हैं। इसके बाद कोर्ट ने दस दिन की जगह पांच दिन की अंतरिम जमानत ही मंजूर की।

Updated on:
15 Feb 2019 02:07 am
Published on:
15 Feb 2019 02:07 am