
विकास चौधरी/जोधपुर. बच्चों की खुशियों की खातिर खरीदकर लाई जाने वाली कीमती साइकिलें चोरों के निशाने पर हैं, लेकिन इसकी रोकथाम के लिए जिम्मेदार पुलिस ढिलाई बरत रही है। पुलिस की सजगता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि पुलिस कमिश्नरेट के पश्चिमी जिले के अधीन आने वाले 13 थानों में पिछले तीन साल में साइकिल चोरी की मात्र बारह एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से सिर्फ दो साइकिलें बरामद हुई हैं। सात थानों में साइकिल चोरी का इन्द्राज तक नहीं है, जबकि बीजेएस के पास नट बस्ती में चोरी की साइकिलों का बाजार तक लगता है।
खुले में साइकिल रखना खतरे से भरा
आमजन अपने बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि खुद के स्वास्थ्य की दृष्टि से भी कीमती साइकिलें खरीदने लगे हैं, लेकिन इन्हें घरों में रखना खतरे से भरा होता जा रहा है। मुख्य गेट के अंदर खुले रखने का मतलब है चोरों को न्योता देना। अमूमन हर गली-मोहल्ले में साइकिल चोरों का डर है।
चोर बाजार में बिकती हैं साइकिलें
गली-मोहल्लों में साइकिल चोरी के लिए कम उम्र के बच्चे व युवक सक्रिय हैं। ये दीवार फांदकर घरों में घुसकर साइकिलें उठाकर चलते बनते हैं। ये साइकिलें बीजेएस नट बस्ती में सस्ते दामों पर उपलब्ध हो जाती हैं। एक-दो बार पुलिस ने दबिश देकर चोरी की कई साइकिलें बरामद की थी।
पीछा कर पकड़ा था चोर
सुभाषनगर स्थित मकान से एक युवक साइकिल चुराने के बाद साथी के साथ भाग निकला था। मोहल्लेवासियों ने देखा तो घरवालों को सूचना दी। साइकिल मालिक ने चोरों का पीछा किया और 12वीं रोड के पास एक युवक को पकड़ लिया था। उससे चोरी की साइकिल भी बरामद की गई थी।
सात थानों में साइकिल चोरी का खाता तक नहीं
पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर के पश्चिमी जिले में तेरह पुलिस स्टेशन हैं। इनमें से पुलिस स्टेशन राजीव गांधी नगर, देव नगर, सूरसागर, बोरानाडा, झंवर, लूनी व कुड़ी भगतासनी में तीन साल में साइकिल चोरी का एक भी मामला दर्ज नहीं है।
वर्ष 2014 से 2017 तक साइकिल चोरी पर थानों में स्थिति
पुलिस स्टेशन......कुल मामले....बरामदगी......जांच का परिणाम
बासनी....... 01....0000..........अदम पता, माल व मुलजिम के एफआर
सरदारपुरा......01......0..........अदम पता, माल व मुलजिम के एफआर
शास्त्रीनगर......03.......एक एक आरोपी गिरफ्तार......दो मामलों में एफआर
चौहाबो......02........0.........अदम पता, माल व मुलजिम के एफआर
प्रतापनगर..... 03......एक-एक आरोपी गिरफ्तार......दो मामलों में एफआर
(आंकड़े जनहित सुरक्षा समिति ने पुलिस उपायुक्त के पश्चिमी कार्यालय से सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त किए।)