
धर्म परिवर्तन के लिए नाबालिग को अगवा करने का आरोप
जोधपुर.
राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) ने जोधपुर जिले के बिलाड़ा (bilara) कस्बे से पंद्रह वर्षीय नाबालिग बालिका के कथित अपहरण के बाद धर्म परिवर्तन और शादी करने का अंदेशा जताते हुए दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर बिलाड़ा पुलिस थाना प्रभारी को लापता को ढूंढकर 4 अक्टूबर को कोर्ट के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायाधीश संदीप मेहता और न्यायाधीश अभय चतुर्वेदी की खंडपीठ ने बिलाड़ा निवासी नाबालिग के पिता की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के बाद यह निर्देश दिए।
याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उसकी पुत्री 21 सितंबर की रात बारह बजे के बाद से घर से लापता हो गई थी। इसकी सूचना अगले दिन बिलाड़ा पुलिस थाने में दी।
शुरुआत में उन्होंने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बाद में इधर-उधर सर्च करने और सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग देखने पर बिलाड़ा निवासी निजामुद्दीन पुत्र अयूब खां के साथ उसे जाते देखा गया। याचिका में अंदेशा जताया गया कि याची की बेटी को धर्म परिवर्तन करने के बाद शादी की नीयत से अगवा किया गया है।