
बिलाड़ा (जोधपुर). को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी द्वारा राजफेड के लिए किसानों से खरीदे गए मूंगों सात हजार बैग के लिए सुरक्षित स्थान अभी तक निर्धारित नहीं होने व बदलता मौसम सोसायटी के लिए चिंता का कारण बन गया है। इन मूंगों के रखवाने की व्यवस्था नेफेड के सर्वेयर की अनुशंषा पर राजफेड करवाता है। हालांकि गत वर्ष भी नेफेड की अनुशंसा पर खरीदे गए मूंग स्थानीय वेयरहाउस में रखवाए गए थे।
नेफेड के लिए मूंग तुलाई की कार्यकारी एजेंसी राजस्थान में राजफेड है तथा मात्र बिलाड़ा क्षेत्र के करीब दो हजार किसानों की मूंग तुलाई के लिए रजिस्ट्रेशन हो चुका है। इनमें से अब तक मात्र दो सौ किसान ही अपना मूंग तुलवा पाए हैं ।
स्थानीय एजेंसी को चिंता यह सता रही है कि, प्रतिदिन सैंकड़ों बैग मूंग के तोले जा रहे हैं और इन्हें खुले में रखवाना पड़ रहा है। अब तक तो राजफेड को यह मूंग सुरक्षित रखवा देना चाहिए था। एजेंसी के भंवरलाल गांधी ने बताया कि नेफेड के सर्वेयर के यहां आने व स्थानीय वेयरहाउस का अवलोकन कर उसे मूंग के लिए सुरक्षित मानेगा, तो मूंग यहां रखवाया जाएगा।
बदले मौसम ने बढ़ाई चिंता
एकाएक उमस बढऩे और बादलों को उमड़ते देख मार्केटिंग सोसायटी की टीम को चिंता होना स्वाभाविक है। इस संबंध में शनिवार को टीम ने जोन के राजफेड प्रबंधक को जानकारी देकर बताया कि यहां कृषि उपज मंडी में मूंग के सात हजार बैग खुले में पड़े हैं। यदि बरसात हो गई अथवा ओले गिरे तो मूंगों को नुकसान हो सकता है।