
जोधपुर. जिले के लूणी दूदिया-भाचरणा की सरहद में शनिवार देर रात काले हिरण शिकार मामले में पकड़े गए दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस और वनविभाग ने संयुक्त कार्रवाई जारी रही। प्लास्टिक के बोरे में मृत काले हरिण को ले जाते हुए ग्रामीणों ने एक आरोपी पकड़ा और ग्रामीणों से पूछताछ में उसने अपने एक अन्य सहयोगी के बारे में बताया। इस बीच ग्रामीणों ने पुलिस व वनविभाग अधिकारियों को शिकार होने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही लूणी थानाधिकारी मौके पर पहुंचे। इस बीच जोधपुर वनविभाग के वन्यजीव उडऩदस्ता के क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोकाराम पंवार भी मौके पर पहुंचे और शिकार के आरोपी सुखाराम हरिजन और ओमाराम मेघवाल से पूछताछ शुरू की। देर रात तक आरोपियों से पूछताछ जारी रही।
कोरोनाकाल में फिर बे-खौफ हुए शिकारी
करीब 22 साल पहले बहुचर्चित सलमान खान वन्यजीव शिकार प्रकरण के बाद भी वन्यजीवों के शिकार में कोई कमी नहीं आई है। अब कोरोनाकाल में भी शिकारियों और वनविभाग के बीच लगातार लुकाछिपी का खेल जारी है। वन्यजीवों के शिकार की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले जोधपुर वन्यजीव मंडल में लॉक डाउन के बाद लगातार शिकार के मामले सामने आते जा रहे है। वन्यजीव अपराध घटित होने पर वनकर्मियों की ओर प्रथम अपराध की सूचना दर्ज तो कर ली जाती है लेकिन सभी अपराध मुकदमों का अनुसंधान समय पर नहीं होने से वर्ष दर वर्ष लम्बित अपराध प्रकरणों की संख्या बढ़ती जाती है। नतीजन समय बीतने के साथ वन्यजीव अपराध साक्ष्य मिलने की संभावनाएं भी कम हो जाती है। गवाह आदि को पेशी पर आने जाने के लिए कोई सहयोग अथवा मुआवजा नहीं मिलने से रूचि नहीं लेते है। ऐसे में शिकार के आरोपी बच निकलने में कामयाब हो जाते है।