
जोधपुर. जोधपुर राजस्थान पत्रिका के 42वें स्थापना दिवस को लेकर शहर में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों के तहत मंगलवार को एमडीएम अस्पताल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न धर्मों के धर्मगुरूओं ने शिरकत की। वहीं शहर के लोगों ने बढ़चढ़ कर रक्तदान किया।
रक्त किसी फैक्ट्री में तैयार नहीं होता
मानवता की सेवा ही परमात्मा की साक्षात सेवा है। रक्त की कोई जात पात नहीं होती ना ही रक्त किसी फैक्ट्री में तैयार हो सकता है। इंसान के भीतर ही तैयार अमूल्य रक्त यदि किसी जरूरतमंद की जान बचाने के लिए काम आता है तो यही मानवता है। खास तौर से कोरोनाकाल में राजस्थान पत्रिका ने हमेशा की तरह अपने सामाजिक सरोकारों के तहत रक्तदान शिविर का आयोजन किया है इसके लिए रक्तदाता व पत्रिका तथा चिकित्सकों की टीम साधुवाद की पात्र है। किसी का जीवन बचाने के लिए नीडर होकर रक्तदान और प्लाज्मा डोनेशन ईश्वरीय सेवा है।
सैनाचार्य संत अचलानंदगिरि, पीठाधीश अखिल भारतीय सैन भक्तिपीठ
कोरोना से डरना नहीं हराना है
कोविड.19 के नियमों को सावधानी से पालन करते हुए उसे परास्त किया जा सकता है। संकट की इस घड़ी में मानवता के हितार्थ जरूरतमंद कोविड-१९ मरीजों को प्लाजमा और ब्लड डोनेशन करना अदम्य साहस का परिचय है। खास तौर से जब अस्पतालों में रक्त की कमी है। वैश्विक महामारी कोविड-19 के नियमों के प्रति सावधानी बरतनी जरूरी है। मैं उन सभी सामाजिक संस्थाओं, रक्तदाताओं व राजस्थान पत्रिका को इस ईश्वरीय कार्य के लिए साधुवाद देता हूं। हमें कोरोना से डरना नहीं बल्कि नियमों का पालन कर हराना है।
राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश
मालिक ने शरीर में ही दिया है उपचार
राजस्थान पत्रिका के सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम वैसे तो वर्ष पर्यन्त चलते रहते है लेकिन कोरोनाकाल में जरूरतमंदों के लिए ब्लड व प्लाज्मा डोनेशन जैसा आयोजन मानवीय जीवन बचाने के लिए जरूरी भी है। लाइलाज वैश्विक महामारी कोरोना का ईलाज भी मालिक ने मनुष्य के शरीर में प्लाज्मा के रूप ही दिया है। एेसे में प्लाज्मा, प्लेटलेट्स व रक्तदान शिविर का आयोजन के लिए पत्रिका और उन तमाम सहयोगियों के लिए मैं दुआएं करता हूं की वे स्वस्थ रहे।
शहर काजी वाहिद अली जोधपुर
पत्रिका की ओर से नेक कार्य
राजस्थान पत्रिका जोधपुर के ४२ वें स्थापना दिवस पर सामाजिक सरोकारों की कड़ी में मानव सेवा के लिए रक्तदान और प्लाज्मा डोनेशन जैसै शिविर जैसा नेक कार्य है। खास तौर से जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से परेशान है एेसे में एेसे आयोजन की पहल करने के लिए मैं समस्त पत्रिका टीम और सभी सहयोगियों का धन्यवाद देता हूं।
ज्ञानी जयपाल सिंह, गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा जोधपुर
निस्वार्थ पत्रिकारिता की मिसाल
निस्वार्थ पत्रिकारिता के लिए राजस्थान पत्रिका परिवार को प्लाज्मा डोनेशन व रक्तदान शिविर जैसे पुनित कार्यों के लिए बधाई देता हूं। मानव हित से जुड़े कार्यों में पत्रिका सदैव अग्रणीय रहा है। कोरोनाकाल में पत्रिका जोधाणा महोत्सव में एेसे ही मानव सेवा से जुड़े कार्य तारीफे काबिल है। जोधपुर में ४२ साल से निस्वार्थ पत्रिकारिता और शहर के विकास में योगदान का सफर पूरा करने पर स्थापना दिवस पर पूरे पत्रिका परिवार को बधाई देता हूं।
फादर जैकब, सेंट थेरसास चर्च जोधपुर