
जोधपुर।
पॉश कॉलोनी शास्त्रीनगर में 1.74 करोड़ के नकली नोट मिलने के मामले में मुख्य आरोपी सहित चार आरोपियों को अदालत ने एक बार फिर रिमाण्ड पर भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी ने नकली नोट से बंगला खरीदने की साजिश रची थी। इसके लिए पांच-पांच सौ रुपए को स्कैनर व रंगीन प्रिंटर और फोटो कॉपी मशीन से नकली नोट बनाए गए थे।(Fake currency)
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) चंचल मिश्रा ने बताया कि प्रकरण में रिमाण्ड समाप्त होने पर नागौर में श्रीबालाजी निवासी हनुवंतसिंह, गंगाणा में अरिहंत आदित्य निवासी संजय शाह, रातानाडा में हनुवंत नगर निवासी हेमंत कांकरिया, पाल गांव में देवासियों का बास निवासी भागीरथ उर्फ भगाराम देवासी, हीरालाल देवासी, बोरानाडा में अभिषेक नगर निवासी महेन्द्र ओड और सुमेरपुर थानान्तर्गत जाखोड़ा निवासी अर्जुन उर्फ हीरसिंह को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से मुख्य आरोपी संजय शाह, अर्जुन और हीरसिंह को फिर से तीन-तीन दिन के रिमाण्ड पर भेजने के आदेश दिए गए। जबकि अन्य को न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि संजय शाह नकली नोट बनाने का मास्टर माइण्ड है। वह प्रोपर्टी व्यवसाय भी करता है। जिसमें उस पर कर्जा हो रखा है। ऐसे में उसने सम्पत्ति खरीदने के बदले नकली नोट देने की साजिश रची थी।
नकली नोट का पता लगते ही दो चेक स्टॉप पेमेंट कराए
मूलत: श्रीबालाजी हाल मुम्बई निवासी व्यवसायी व उसके दो पुत्रों का शास्त्रीनगर सेक्टर-सी में एक मकान बिकवाने के लिए संजय ने हेमंत कांकरिया से सौदा करवाया था। डीएलसी रेट के आधार पर हेमंत ने अलग-अलग चेक दिए थे। इसमें से एक चेक से 25 लाख रुपए का भुगतान हो गया था। उधर, चेक के अतिरिक्त राशि के बदले संजय शाह ने व्यवसायी को दो करोड़ दिए थे। इनमें 1.74 करोड़ के नकली नोट थे। इसका पता लगते ही हेमंत को मामला खटाई में जाने का अंदेशा हो गया था। उसने अन्य चेक का भुगतान बैंक में स्टॉप करवा दिया था। जिससे चेक बाउंस हो गए थे।
जेल में साजिश, यू-ट्यूब से सीखा नकली नोट बनाना
संजय शाह किसी मामले में जेल में बंद रहा था, जहां उसकी मुलाकात प्रकाश नामक बंदी से हुई थी। उसने नकली नोट बनाने की साजिश बताई थी। जमानत होने पर संजय ने प्रकाश को नकली नोट बनाने काे कहा था, लेकिन उसने मना कर दिया था। इसलिए संजय ने महेन्द्र, अर्जुन, हीरा व भागीरथ की मदद से नकली नोट बनाए थे।