जोधपुर

लाइफ स्टाइल में बदलाव के चलते बढ़ रहे ब्रेन स्ट्रोक के केस, सर्दियों में आंकड़े डबल होने की आशंका

सनसिटी में खान-पान का बदलता ट्रेंड यूथ से लेकर बुजुर्ग तक की लाइफ स्टाइल को प्रभावित कर रहा है। खानपान का गलत तरीका और सेहत के प्रति ध्यान न देना शरीर के साथ-साथ दिमाग के लिए भी खतरनाक है।
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लाइफ स्टाइल में बदलाव के चलते बढ़ रहे ब्रेन स्ट्रोक के केस, सर्दियों में आंकड़े डबल होने की आशंका

अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. सनसिटी में खान-पान का बदलता ट्रेंड यूथ से लेकर बुजुर्ग तक की लाइफ स्टाइल को प्रभावित कर रहा है। खानपान का गलत तरीका और सेहत के प्रति ध्यान न देना शरीर के साथ-साथ दिमाग के लिए भी खतरनाक है। जोधपुर में अनिश्चित खान-पान से हर रोज 8 से 10 मरीजों की ब्रेन स्ट्रोक से मौत हो जाती है, इनमें से कई अस्पताल जाने से पूर्व ही मौत का शिकार हो जाते हैं। ताजा आंकड़े के अनुसार हर 1 मिनट में 3 भारतीय यानी हर 20 सैकंड में 1 भारतीय ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो जाता है।

ब्रेन हेमरेज और स्ट्रोक में फर्क
ब्रेन हेमरेज में खून की नली दिमाग के अंदर या बाहर फ ट जाती है। इसमें पैरालिसिस होता है। इसमें दिमाग से बाहर खून निकल जाता है और इसे हटाने के लिए सर्जरी की जाती है और क्लॉट को हटाया जाता है। अगर किसी भी रुकावट की वजह से दिमाग को खून की सप्लाई में कोई रुकावट आ जाए तो उसे स्ट्रोक कहते हैं।

ये लक्षण है तो 90 मिनट में अस्पताल पहुंच जाएं
अगर आप को स्ट्रोक जैसे लक्षण लगे कि आवाज में बदलाव आ रहा है, हाथ उठाने में दिक्कत आ रही है तो मरीज को लेकर 90 मिनट के अंदर तुरंत अस्पताल पहुंचे। ऐसे में उपचार संभव है। खान-पान में बदलाव जरूरी है। वसा, निकोटिन व तंबाकू युक्त चीजों के सेवन करने से बचना चाहिए।
- डॉ. नवीन किशोरिया, सीनियर प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज

Updated on:
07 Nov 2019 11:26 am
Published on:
07 Nov 2019 11:26 am