जोधपुर

संक्रमित मां के दूध से मारा जा रहा नवजात का पैदाइशी दुश्मन कोरोना

कोरोना संक्रमित प्रसूताओं के शिशुओं के लिए मां दूध रामबाण साबित हुआ है। जन्मजात संक्रमित हो रहे बच्चे मां के दूध पीने के 24 घण्टे बाद नेगेटिव आ रहे है। इसकी वजह मां के दूध में पाया जाने वाला इंटर फेरोम सबटेंट है।
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breast feeding is effective for new born kids during coronavirus
संक्रमित मां के दूध से मारा जा रहा नवजात का पैदाइशी दुश्मन कोरोना

अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. कोरोना संक्रमित प्रसूताओं के शिशुओं के लिए मां दूध रामबाण साबित हुआ है। जन्मजात संक्रमित हो रहे बच्चे मां के दूध पीने के 24 घण्टे बाद नेगेटिव आ रहे है। इसकी वजह मां के दूध में पाया जाने वाला इंटर फेरोम सबटेंट है। मथुरादास माथुर अस्पताल के जनाना विंग में अब तक जोधपुर व आसपास के जिलों से 10 संक्रमित प्रसूताओं के प्रसव हुए। इनमें 4 नवजात जन्मजात से संक्रमित निकले।

इन बच्चों को शुरुआत में सुरक्षा के लिहाज से अलग रखा गया। इन बच्चों को अन्य मां का मिल्क व अन्य दूध पिलाया गया, लेकिन वे स्वस्थ नहीं हो सके। मां के दूध पीने से उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आने लगी। जबकि शेष पैदा हुए 6 बच्चों को तुरंत मां का दूध पिलाने के 5-6 घण्टे के अंतराल के बाद कोरोना जांच की गई, जो नेगेटिव निकली।

मां का दूध इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक
शुरुआत में सुरक्षा के लिहाज से संक्रमित प्रसूताओं के बच्चों को आइसोलेटेड किया। डॉ एसएन मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग सिंह ने सभी शिशु रोग चिकित्सकों को नवजातों को मां दूध पिलाने के निर्देश दिए। डॉ सिंह के अनुसार मां के दूध में इंटर फेरोम सबटेंट होता है। जो इम्यूनिटी बढाते हैं। दूध ने अमृत का काम किया। इसी कारण ज्यादातर नवजात संक्रमित पैदा होने के बावजूद नेगेटिव हो गए।

Updated on:
11 Jun 2020 10:34 am
Published on:
11 Jun 2020 10:34 am