
जोधपुर।
अजमेर जिले में घुघरा घाटी स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में बंद जोधपुर जिले के गिरोह से जुड़े बंदियों ने तकनीशियन से सांठ-गांठ कर खुद की फोटो खींचवाई और तकनीशियन के मार्फत भाई को भिजवा दी। जिसने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी। पता लगते ही जेल प्रशासन में हड़कम्प मच गया। जांच के बाद एफआइआर दर्ज कर तकनीशियन को गिरफ्तार कर लिया। (High security Jail)
पुलिस महानिदेशक (जेल) भूपेन्द्र कुमार दक को गुरुवार दोपहर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद जोधपुर जिले में भोपालगढ़ क्षेत्र में रहने वाले बंदी रघुवीरसिंह व दो बंदियों की कुछ फोटो सोशल मीडिया में वायरल होने का पता लगा। यह फोटो हाई सिक्योरिटी जेल में बंद तीनों बंदियों की थी।
इसका पता लगते ही हड़कम्प मच गया। जेल अधीक्षक पारस जांगिड के निर्देशन में जांच कराई तो बंदी रघुवीरसिंह व जोधपुर में प्रतापनगर निवासी तकनीशियन अनिल कुमार सिंह की भूमिका सामने आई। जेल में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। कम्पनी के तकनीशियन अनिल ने अपनी मोबाइल से सलाखों के पीछे बंद रघुवीरसिंह व दो अन्य बंदियों की फोटो खींची थी। जिन्हें रघुवीर के ममेरे भाई निखिल सिंह को भेज दी थी। बंदी के परिजन ने यह फोटो सोशल मीडिया में अपलोड कर स्टेट लगा दी थी। जिससे यह फोटो वायरल हो गए थे।
जेल अधीक्षक पारस जांगिड का कहना है कि सीकर दादिया निवासी जेल प्रहरी घनश्याम सिंह की रिपोर्ट पर तकनीशियन अनिल व हार्डकोर बंदी रघुवीर सिंह के खिलाफ सिविल लाइन्स थाने में राजस्थान कारागार अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने तकनीशियन अनिल कुमार सिंह को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया।
मोबाइल जब्त, लेकिन डाटा नष्ट किए
तकनीशियन अनिल कुमार से पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया। जांच करने पर उसमें फोटो व अन्य डाटा नहीं मिले। जो उसने डिलीट कर दिए थे। अब डिलीट डेटा रिकवर करने के प्रयास में किए जा रहे हैं।
जोधपुर कनेक्शन पर वायरल
हाई सिक्योरिटी जेल में 319 सीसीटीवी कैमरे ठेकेदार फर्म के जरिए लगवाए जा रहे हैं। तकनीशियन अनिल कुमार 1 जून को वर्क प्रोग्रेस रिपोर्ट भेजने के लिए जेल प्रशासन की अनुमति से मोबाइल लेकर जेल में गया था। जेल प्रहरी रामलाल साथ था, लेकिन काम के दौरान नजर बचाकर अनिल ने रघुवीर सिंह से न केवल पहचान की, बल्कि अन्य बंदियों के साथ उसकी फोटो खींचकर रिश्तेदार को भेज दी।