
जोधपुर. दिवाली और रामा-श्यामा के दिन अस्पतालों में पटाखों से जलने व शराब के नशे में गाड़ी चलाकर दुर्घटनाग्रस्त होने वाले मरीज खूब आए। ऐसे में परिजनों को नए दिन अस्पताल का मुंह देखना पड़ गया। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त प्रिंसिपल व सर्जरी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. अजय मालवीय ने बताया कि महात्मा गांधी अस्पताल में गत दो दिनों में 61 मरीज पटाखे के जलने के सामने आए।
इसमें बच्चे व वयस्क शामिल हैं। 7 दीए जलाने के दौरान आग से झुलस गए। इसमें 5-6 को भर्ती के लिए कहा,क्योंकि इनका शरीर 10 प्रतिशत से अधिक जला हुआ था। कइयों ने नए दिन का हवाला देकर भर्ती होने से मना कर दिया। 3 को भर्ती किया गया, इनमें े दो बच्चे हैं। 1 मरीज का शरीर 35 फीसदी से ज्यादा झुलस गया।
नेत्र रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद चौहान ने बताया कि आंख में बारूद घुस जाने से एमडीएम अस्पताल में कुल 17 रोगी आए। इसमें 3 को गंभीर को चोट थी। 1 को भर्ती किया गया, शेष पट्टी कराकर चले गए। ट्रोमा सेंटर इंचार्ज डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया कि एमडीएम अस्पताल के 21 मरीज पटाखे के कारण चोटिल व जल गए। इसी अस्पताल में 406 मरीज वाहन दुर्घटना के आए। इनमें से कुछ शराब के नशे में थे, इस कारण उनके साथ दुर्घटना हुई।