जोधपुर

29.वर्ष 1943 तक उम्मेद भवन पैलेस निर्माण पर खर्च हुए थे तीन करोड़

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Mar 19, 2021
29.वर्ष 1943 तक उम्मेद भवन पैलेस निर्माण पर खर्च हुए थे तीन करोड़
29.वर्ष 1943 तक उम्मेद भवन पैलेस निर्माण पर खर्च हुए थे तीन करोड़

जोधपुर. विश्वविख्यात उम्मेद भवन पैलेस कुल 26 बीघा भूमि क्षेत्रफल में बना है। इस महल में 3.50 बीघा भूमि में तो महल की चुनाई की गई है । शेष भूमि पर बाग व सड़कें इत्यादि हैं । छीतर भाखरी पथरीली होने से बाग व दूब के स्थान पर तीन - तीन फुट गहरी खुदाई कर उपजाऊ रेत भरी गई । बड़े वृक्षों के स्थान पर यह खुदाई छह फुट तक गहरी की गई । छीतर भाखरी की ऊंचाई शहर से लगभग 150 फुट है और स्वयं पैलेस की ऊंचाई 298 फुट के लगभग है । पूर्वी दिशा की ओर प्रमुख द्वार कांसी का बना हुआ है जो नाप - तौल के बाद खास तौर से इंग्लैण्ड से मंगवाया गया था। अकाल से जूझते तीन हजार मजदूरों के 14 वर्षों के अथक श्रम , सैकड़ों प्रसिद्ध घड़ाईदारों के हाथों के छैनी हथौड़ों की निरंतर उछलकूद , चवांलियों के अथाह पसीने , चेजारों की करणियों की करामात तथा चुनाईदारों की चतुराई का परिणाम है उम्मेद भवन पैलेस । बताया जाता है कि 14 फरवरी 1943 को संपूर्ण होने तक महल के निर्माण पर तीन करोड़ रुपये व्यय हो चुके थे ।

Published on:
19 Mar 2021 12:17 pm