
जोधपुर।
माता का थान थानान्तर्गत मगरा पूंजला के बावड़ी वाला बेरा में एयरटेल कम्पनी का कर्मचारी बनकर एक युवक ने वीआइपी नम्बर की सिम बेचने का झांसा देकर व्यापारी से रुपए ऐंठ लिए। बदले में एयरटेल की फर्जी रसीद भेज दी। सिम न मिलने पर पीडि़त ने एयरटेल मिनी स्टोर में सम्पर्क किया तो और भी कई लोगों से धोखाधड़ी का पता लगा। पुलिस ने धोखाधड़ी व आइटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) को गिरफ्तार किया।
थानाधिकारी प्रेमदान रतनू ने बताया कि बावड़ी वाला बेरा निवासी प्रोपटी व्यवसायी के पास गत 10 जुलाई को एक व्यक्ति का कॉल आया। खुद को एयरटेल कम्पनी का कर्मचारी आशीषराज बताते हुए उस व्यक्ति ने हाल ही में एयरटेल मिनी स्टोर शुरू करने की जानकारी दी। उसने कहा कि वह एयरटेल के वीआइपी नम्बर के सिम की बुकिंग कर रहा है। कम दर पर उसे वीआइपी नम्बर दे सकता है। ठग ने उसे वीआइपी नम्बर की लिस्ट व्हॉट्सऐप की। जिसमें से उसने दो वीआइपी नम्बर चयन किए। प्रति नम्बर 11564 रुपए का खर्च बताया। पांच हजार रुपए अग्रिम जमा करवाने की जानकारी दी। ऐसा न करने पर चयनित नम्बर किसी अन्य को बेचने का डर भी दिखाया। भुगतान के संबंध में एयरटेल की ऑरिजनल रसीद देने का भरोसा भी दिलाया।
इससे पीडि़त उसकी बातों में आ गया। ठग ने मोबाइल पर फोन-पे का बार कोड भेजा। जिसे स्कैन कर व्यापारी ने दो नम्बर के लिए अग्रिम रुपए जमा करवा दिए, लेकिन व्यापारी को सिम नहीं मिली।
संदेह होने पर उन्होंने एयरटेल मिनी स्टोर में बातकर आशीषराज के बारे में पूछा, लेकिन वहां ऐसा कोई कर्मचारी के संबंध में पूछा, लेकिन वहां इस नाम से कोई कर्मचारी नहीं मिला। अलबत्ता कम्पनी कर्मचारियों ने एयरटेल के वीआइपी नम्बर बेचने के झांसे में आकर हजारों रुपए गंवाने वाले और पीडि़तों के बारे में जानकारी दी।
तब व्यापारी को खुद के साथ भी ठगी होने का पता लगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मोबाइल नम्बर के आधार पर गुरों का तालाब में महावीर नगर निवासी आशीषराज मेहता उर्फ प्रणव 29 पुत्र मरूधरराज को गिरफ्तार किया। आरोपी सीए हैं।
जल्द रुपए कमाने व फाइनेंस के उधार चुकाने को ठगी
पुलिस का कहना है कि आरोपी आशीषराज मेहता सीए है। उसके खिलाफ जयपुर के विधायकपुरी व शास्त्रीनगर, जोधपुर में सरदारपुरा और नागौर कोतवाली थाने में धोखाधड़ी और आइटी एक्ट में पहले से चार मामले दर्ज हैं। उसने जल्द रुपए कमाने व फाइनेंस की उधारी होने पर साइबर ठगी करने की साेची थी।
रोजाना 100-150 लोगों को भेजता संदेश
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले फाइनेंस व डाटा एन्ट्री का काम करता था। जस्ट डायल एप की मदद से उसने अनेक प्रोपटी डीलर, मिठाई विक्रेता, व्यापारी, डॉक्टर, अस्पताल संचालक, बड़ी फर्म मालिक के नम्बर हासिल करता था। वह रोजाना 100-150 लोगों को ठगी के संदेश भेजता था। खाते में रुपए जमा करवाने के बाद पीडि़त के मोबाइल नम्बर ब्लॉक कर देता था।