
जोधपुर. दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आइसीएआई) ने सोमवार को सीए इंटरमीडिएट, आइपीसीसी और सीए फाउंडेशन का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। सीए फाउण्डेशन में जोधपुर के 7 विद्यार्थियों ने पूरे देश में मैरिट में स्थान प्राप्त किया है। ओमप्रकाश ने 16 वीं रैंक हासिल की। विधु लूणिया ने 19 वी, अजीत लोढा और जूही पटवा ने संयुक्त रूप से 37वीं रैंक, खुशी बजाज ने 41 वीं, ऐश्वर्या ने 12वीं और चिन्मय सेठी ने 44 वी रैंक प्राप्त की। उधर आइपीसीसी में जोधपुर का परीक्षा परिणाम काफी खराब रहा। दोनों ग्रुप की परीक्षा देने बैठे 41 विद्यार्थियों में से केवल 2 विद्यार्थी ही पास हो पाए। आइसीएआइ अब आइपीसीसी को खत्म करने जा रही है। मई 2020 में अंतिम आइपीसीसी होगी।
चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के लिए तीन परीक्षाएं फाउंडेशन, इंटर और सीए फाइनल देनी होती है। सीए फाइनल का परिणाम कुछ दिनों पहले आया था। अब अन्य दो परीक्षाओं का परिणाम घोषित किया गया है। यह परीक्षाएं नवंबर माह में आयोजित की गई थी। पुराना पाठ्यक्रम यानी आइपीसीसी में दोनों ग्रुप में परीक्षा देने बैठे 41 विद्यार्थियों में से दोनों ही ग्रुप ही केवल 2 विद्यार्थी और प्रथम ग्रुप 5 से विद्यार्थी पास हुए। दूसरा ग्रुप पास करने में एक भी विद्यार्थी सफल नहीं रहा। केवल प्रथम ग्रुप की परीक्षा दे रहे 67 परीक्षार्थियों में से 11 और केवल द्वितीय ग्रुप की परीक्षा दे रहे 246 विद्यार्थियों में से 46 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।
नया पाठ्यक्रम यानी सीए इंटरमीडिएट के दोनों समूह में बैठने वाले 249 परीक्षार्थियों में से 39 दोनों समूह से पास हुए जबकि प्रथम समूह में 50 और दूसरे समूह में 42 परीक्षार्थी सफल रहे। इस परीक्षा में केवल प्रथम समूह की परीक्षा देने वाले 277 परीक्षार्थियों में से 67 और केवल दूसरे ग्रुप की परीक्षा देने वाले 117 परीक्षार्थियों में से 36 जने उत्तीर्ण हुए। अब सफल परीक्षार्थी सीए अंतिम वर्ष के लिए आवेदन करेंगे।
सीए बनकर एनजीओ शुरू करुंगी
आईपीसीसी में शहर टॉपर नेहा बोहरा रही। फलोदी के पास मलाड़ की रहने वाली नेहा ने जोधपुर में परीक्षा की तैयारी की। उसने 700 में से 386 अंक हासिल किए। नेहा ने बताया वह सीए बनकर स्वयं समाज सेवा के लिए गैर सरकारी संगठन खोलना चाहती है। सीए इंटर परीक्षा में साहिल चेतानी शहर टॉपर रहे। साहिल ने 800 में से 571 अंक हासिल किए। दूसरा स्थान अक्षय सालेचा, तीसरा स्थान मनीष सिरवी, चौथा अनु प्रकाश और पांचवा जीगर जैन ने प्राप्त किया।
कम्पनी में अच्छी पॉजिशन चाहता हूं
सीए फाउंडेशन में 16 वी रैंक हासिल करने वाले ओमप्रकाश का कहना है कि वह आगे चलकर चार्टर्ड अकाउंटेंट ही बनेगा और किसी कंपनी में अच्छी पोजीशन की तलाश में रहेगा। ओम प्रकाश को बैडमिंटन और फुटबॉल का भी शौक है। उसके पिता विजय कुमार बिजनेसमैन और माता प्रिया गृहिणी है। ओमप्रकाश ने 400 में से 348 अंक प्राप्त किए।
सीए के साथ एमबीए करूंगी
सीए फाउंडेशन में 323 अंक प्राप्त करके खुशी ने 41 वी रैंक हासिल की। वह सीए के साथ एमबीए करना चाहती है। खुशी नियमित कक्षा और सेल्फ स्टडी को महत्व देती है। उसके पिता विजय बजाज बिजनेसमैन और माता उर्मिला एंट्रीप्रेन्योर है।
आईएएस बनना चाहता है अजीत
अजीत लोढ़ा ने 327 अंक प्राप्त करके पूरे देश में 37 वी रैंक हासिल की है। वह आगे चलकर आईएएस बनना चाहता है। अजीत का कहना है कि क्लास में पूरा ध्यान देने से 50 से 60 फीसदी सफलता वहीं तय हो जाती है। उसके पिता जसराज लोढ़ा प्राइवेट जॉब करते हैं। माता राज ललिता गृहणी है।
सीएसए के साथ एक्टूरियल साइंस पढ़ेगी विधु
विधु ने 345 अंक प्राप्त करके पूरे देश में 19वां स्थान हासिल किया। वह आगे चलकर सीएसए और एक्टूरियल साइंस में पढ़ाई करना चाहती है। उसके बाद वह अपने पापा महावीर लुणिया के बिजनेस में हाथ बंटाएगी। विधु का कहना है कि पढ़ाई में स्टे्रस नहीं लेना चाहिए। जो करना है वह बेस्ट करो। माता का नाम करुणा है।
अजीम प्रेमजी है आदर्श
जूही पटवा ने पूरे देश में 34 वी रैंक हासिल की। उसके 327 अंक बने। वह सीए के बाद कंपनी सचिव और एमबीए करना चाहती है। किसी बड़ी कंपनी में सीईओ बनने की सोच रखने वाली जूही के आदर्श अजीम प्रेमजी है। उसके पिता लोकेश पटवा बिजनेसमैन और माता मोनिका गृहिणी है।
सीए की प्रैक्टिस करेगी ऐश्वर्या
ऐश्वर्या ने 322 अंक प्राप्त करके पूरे देश में 41 वी रैंक हासिल की। वह आगे चलकर सीए की प्रैक्टिस करना चाहती है। पुणे स्थित स्वप्निल पाटनी शिक्षक को वह अपना आदर्श मानती है। उसके पिता प्रधान ग्राम सभा बिजनेसमैन है। माता का नाम मुन्नी देवी है।
इतना ही पढ़ो जितना ढंग से याद रह जाए
चिन्मय सेठी ने 320 अंक प्राप्त करके पूरे देश में 42 वां स्थान प्राप्त किया। चिन्मय का कहना है कि पढ़ाई उतनी ही करनी चाहिए जितना ढंग से याद रह जाए। वह आगे चलकर सीए की प्रैक्टिस करेगा। उसके पिता विकास सेठी बिजनेसमैन है और माता राजकुमारी गृहिणी है।