
जोधपुर. बचपन में चली शादी की बात से इनकार करने पर समाज से बहिष्कृत करने की धमकी दे 16.65 लाख रुपए दंड वसूलने के मामले में दीपावली से कुछ दिन पहले चार पंचों के जेल की सलाखों के पीछे पहुंचने से अन्य पंचों व लडक़े के घरवालों में हडक़म्प मचा है। पंचों की ओर से उनके विरुद्ध दर्ज एफआइआर निरस्त कराने की याचिका हाईकोर्ट ने ठुकरा दी है। वांछित पंच घरों से गायब हो गए हैं। गिरफ्तारी की आशंका से डरे पंच बचने के लिए तिकड़म भिड़ा रहे हैं।
प्रकरण की जांच कर रहे एसीपी नारायणसिंह ने बताया कि जिला प्रमुख पूनाराम चौधरी के पिता प्रभुराम धोचक, बनाड़ सरपंच गोपाराम सहित अन्य पंच और लडक़े के घरवालों की तलाश जारी है। पुलिस चौकी में जहरीला पदार्थ खाने वाली दिव्या चौधरी, उसके चाचा पुखराज व उगमाराम चौधरी के मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए गए हैं। इस बीच पुलिस छात्रा के परिवार से दण्ड के तौर पर वसूल किए सोलह लाख से अधिक रुपयों की बरामदगी का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि राशि का बंटवारा पंचों और लडक़े के परिजन की बीच हुआ था। किसकों कितना हिस्सा मिला इसका खुलासा प्रकरण में वांछित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर ही होगा।
राहत पाने वालों में पुलिस निरीक्षक के चाचा शामिल
आरोपी पंच प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदार हैं। प्रभुराम धोचक जिला प्रमुख के पिता हैं तो हरकाराम पुलिस निरीक्षक के चाचा हैं। बनाड़ सरपंच और बनाड़ थाने की इमारत का मालिक गोपाराम भी आरोपियों में शामिल है। अदालत ने 75 साल से अधिक उम्र के दो पंचों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इनमें पुलिस निरीक्षक का चाचा भी शामिल है।