
जोधपुर। कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक्स होने का दावा करने वाले पेय पदार्थ पर एफएसएसएआई भले ही सख्ती कर रही हो, लेकिन जोधपुर सहित प्रदेशभर के बाजारों में यह धड़ल्ले से बिक रही है। प्रदेशभर में ऐसे एनर्जी ड्रिंक के सैम्पल लिए जा रहे हैं और 5 लाख से ज्यादा स्टॉक जब्त किया गया है, लेकिन महज 20 रुपए से 100 रुपए की कीमत पर यह ड्रिंक धड़ल्ले से बिल रही है। इसे बच्चे, बुजुर्ग हर वर्ग के लोग खरीद रहे हैं और इसके साथ नशे के उत्पाद खतरा कई गुणा बढ़ा रहे हैं।
एफएसएसएआइ की गाइड लाइन पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रदेश में हलचल तेज की। विभाग का कहना है कि एनर्जी ड्रिंक और वाइटलाइज बॉडी के दावे भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं हैं। इसलिए संबंधित उत्पादों के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई होगी, लेकिन दूसरी ओर हर गली-नुककड़ पर यह एनर्जी ड्रिंक धड़ल्ले से बिक रही है। सामान्य कोल्ड ड्रिंक व अन्य पेय उत्पादों की तुलना में युवा इसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन के अलावा शुगर, टॉरिन और अन्य उत्तेजक तत्व होते हैं। इनका अधिक सेवन बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं तथा हृदय रोग, उच्च रक्तचाप या अनिद्रा से पीड़ित लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अधिक मात्रा में सेवन से धड़कन तेज होना, बेचैनी, घबराहट, नींद न आना, रक्तचाप बढ़ना तथा निर्जलीकरण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसी कारण कई देशों में बच्चों को ऐसे पेयों के सेवन से दूर रखा जाता है। बता दें कि राजस्थान में अभी तक करीब 5 लाख कैन और बोतलों को जब्त कर इन्हें जांच के लिए भेजा है।
सीएमएचओ जोधपुर डॉ. एसएस शेखावत ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को बाजार में उपलब्ध कैफीन युक्त पेयों की नियमित जांच, लेबलिंग की पड़ताल तथा आवश्यकतानुसार सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि यदि किसी उत्पाद में निर्धारित मानकों का उल्लंघन या भ्रामक प्रचार पाया गया तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
6 जुलाई- कोटा में 13410 कैन और बोतलें जब्त।
7 जुलाई- अलवर में 92200 कैन और बोतलें जब्त।
8 जुलाई- पाली (21800), सवाई माधोपुर (7700), बारां (3000), भीलवाड़ा (4360) और झालावाड़ (360) बोलतें और कैन जब्त।
10 जुलाई - कोटपूतली में 12419, भीलवाड़ा में 2950 और श्रीगंगानगर में 8000 कैन-बोतलें जब्त।
नींद की कमी, धड़कन बढ़ना और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं काफी देखने को मिलती है। इसका त्वरित रेस्पांस भी आता है और लॉन्ग टर्म असर भी होता है। युवा इसकी चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। यही ज्यादा कैफीन वाली वस्तुओं के साथ धूम्रपान या अन्य नशे के उत्पाद लेते हैं तो असर कंपाउंड होता है और नुकसान कई गुणा हो सकता है।
ब्लड प्रेशर बढ़ने से प्लेसेंटा पर इफेक्ट
ऐसे एनर्जी ड्रिंक में कैफीन की मात्रा ज्यादा होने के कारण के कारण गर्भवती महिलाओं में ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इसी कारण प्लेसेंटा पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है और भ्रूण में भी विसंगतियां हो सकती है। भ्रूण का अनियंत्रित विकास या प्रीमेच्योर बेबी की आशंका भी बढ़ जाती है।