
जोधपुर. शास्त्रीनगर थानान्तर्गत सुभाष नगर में काजरी से सेवानिवृत्त सुभाष चौधरी, उनकी पत्नी व दो पुत्रियों के रविवार को जलने से मृत्यु की गुत्थी अभी तक असुलझी है। जांच में स्पष्ट नहीं हुआ है कि मकान में आग दुर्घटनावश लगी अथवा जानबूझकर लगाई गई थी। हालांकि घटनास्थल के हालात पुलिस को सामूहिक आत्मदाह के ईर्द-गिर्द संकेत कर रहे हैं।
चीखने व मदद के लिए आवाज तक नहीं सुनीं
यदि कोई व्यक्ति आग से मामूली भी झुलसता है तो उसकी चीख निकल जाती है। मकान में आग से वृद्ध दम्पती के साथ दो पुत्रियों के जिंदा जलने के दौरान पड़ोसी ने मामूली चीख तक नहीं सुनीं। न ही आग बुझाने व मदद के लिए आवाज सुनाई दी। इससे चारों के जिंदा जलने पर अंदेशा गहराने लगा है। वहीं, पड़ोसियों को यह भी अंदेशा है कि जहरीला पदार्थ खाने के बाद आग लगाई होगी। हालांकि एफएसएल जांच में आग लगाने में प्रयुक्त होने वाला कोई भी ज्वलनशील पदार्थ नहीं मिला। रात पौने नौ बजे पीछे रहने वालों ने मकान से धुआं निकलते देखा था। वे छत पर पहुंचे तो धुआं सुभाष चौधरी के मकान से निकल रहा था।