
जोधपुर.
केन्द्रीय प्रशासनिक अपील अधिकरण (कैट) ने हाईकोर्ट परिसर के संलग्न अपने खाली पड़े कक्ष में कॉमर्शियल कोर्ट का संचालन किए जाने से मौखिक तौर पर इनकार कर दिया है। कैट के चेयरमैन ने हाईकोर्ट प्रशासन को इस बारे में लिखित आवेदन देने को कहा है।
जस्टिस संगीत लोढा और दिनेश मेहता की खंडपीठ में सोमवार को असिस्टेंट सोलीसीटर जनरल (एएसजी) संजीत पुरोहित ने यह जानकारी सोमवार को राजस्थान एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से कॉमर्शियल कोट्र्स की पुर्नस्थापना के सम्बंध में दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दी। मामले की अगली सुनवाई 24 अक्टूबर को होगी।
पिछली सुनवाई में खंडपीठ ने एएसजी को बुलाकर कैट में खाली पडे कक्ष में कॉमर्शियल कोर्ट के संचालन की संभावना के बारे में केन्द्र सरकार के रुख का पता लगाने को कहा था। सोमवार को इसका जवाब पेश करते हुए एएसजी पुरोहित ने कैट चेयरमेन के हवाले से कहा कि कैट के जोधपुर स्थित भवन में कोई कक्ष खाली नहीं है। इसके बावजूद आवश्यकता है तो उसके बारे में हाईकोर्ट प्रशासन लिखित में आवेदन करे।
सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमआर सिंघवी, अनिल भंडारी व सुनील भंडारी तथा सरकार की ओर से एएजी राजेश पंवार मौजूद रहे।