जोधपुर

आइआइटी: रोबोट के स्थान पर कोबोट की संकल्पना

jodhpur news cazri news - आइआइटी जोधपुर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काजरी के साथ मिलकर करेगी काम- काजरी के 61वें स्थापना दिवस पर बोले आइआइटी निदेशक
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आइआइटी: रोबोट के स्थान पर कोबोट की संकल्पना
आइआइटी: रोबोट के स्थान पर कोबोट की संकल्पना

जोधपुर. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) जोधपुर के निदेशक प्रो शांतनु चौधरी ने कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के महत्व को बताया। उन्होंने दुनिया में दूसरे देशों की तुलना में भारत में मानव शक्ति उपलब्धता अधिक देखते हुए रोबोट के स्थान पर कोबोट की जरूरत बताई। कोबोट (को-वर्किंग रोबोट) का अर्थ मानव के साथ मिलकर काम करने वाले रोबोट से है। आने वाले समय में इसके लिए आइआइटी, जोधपुर केंद्रीय शुष्क अनुसंधान संस्थान (काजरी) के साथ मिलकर काम करेगी ताकि देश में नई कृषि क्रांति की जा सके।
प्रो. चौधरी काजरी के 61 वें स्थापना दिवस समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे उन्होंने अपना व्याख्यान कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर दिया।


काजरी के प्रभारी निदेशक डॉ प्रवीण भट्टनागर ने कहा कि शुष्क क्षेत्र में कृषि के विकास एवं तकनीकियों के लिए संस्थान को सरदार पटेल अवार्ड से नवाजा गया है। काजरी के चार उत्पादों का पेटेन्ट हुआ। काजरी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ आरके भट्ट ने बदलते जलवायु मौसम में परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए जलवायु अनुकूलन बीजों की किस्मों को विकसित करने की आवश्यकता जताई। पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ बीके माथुर, आयोजन सचिव डॉ सीबी पाण्डे और प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पीसी महाराना ने भी विचार व्यक्त किए।

इनका हुआ सम्मान

सर्वश्रेष्ठ कार्मिक के लिए डॉ सुभाष कच्छवाह, इन्द्रराज फ रोदा, गुलशन बत्रा, गोविन्द सिंह को, उल्लेखनीय योगदान के लिए धर्मेन्द्र सांखला, बीएम यादव, संजय पुरोहित, अब्दुल हकीम को, कृषि पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए हलधर टाइम्स जयपुर के पत्रकार पीयूष शर्मा, श्रेष्ठ शोध पत्र लेखन के लिए डॉ दिलीप जैन, डॉ. दिनेश मिश्रा, डॉ एके सिंह, डॉ सुरेन्द्र पुनिया को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने संस्थान के कृषि उपयोगी प्रकाशन मरू कृषि चयनिका, जल उत्पादकता विशेषांक एवं अच्छी कृषि पद्धतिया का विमोचन किया गया।

Published on:
01 Oct 2019 11:30 pm