
गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) ने अपने परिसर में कोरोना से लडऩे के लिए सेल्फ डिसइंफेक्टेंट वॉक इन टनल बनाई है, जिसके अंदर से होकर गुजरने पर व्यक्ति पांच सैकेंड में संक्रमण मुक्त हो जाता है। एक व्यक्ति पर करीब 275 मिलीमीटर संक्रमण नाशक का छिड़काव होता है। प्रत्येक व्यक्ति को संक्रमण मुक्त करने का खर्च भी मात्र 20 पैसा आ रहा है। अन्य संस्थान या विभाग चाहे तो अपने दफ्तर में भी इस तरह की टनल लगाकर कोरोना संक्रमण के समय ड्यूटी दे रहे कार्मिकों को सुरक्षित रख सकते हैं।
लॉकडाउन में काजरी सहित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अन्य संस्थानों में सुरक्षा के नियमों का पालन करते हुए न्यूनतम श्रमशक्ति के साथ पशुधन रख रखाव, नर्सरी प्रबंधन, फसल कटाई, हरा चारा उत्पादन आदि जैसे आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। कार्मिकों में संक्रमण की संभावना को कम करने के लिए काजरी ने एक सेल्फ-डिसइंफेक्टेंट वॉक-इन टनल विकसित की है, जिसका उपयोग काजरी केम्पस में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा है।
ऐसे बनाई वॉक इन टनल
इसको लोहे की चौरस संरचना पर एल्यूमीनियम प्रोफाइल के और यूवी स्टेब्लाइज्ड पॉलिथीन शीट लगाकर बनाया गया है। कीटाणुनाशक को 500 लीटर क्षमता के टैंक से कक्ष के अंदर लगे फॉगर्स द्वारा इंसान के शरीर पर छिड़कते हैं। आधा एचपी के पंप से फिल्टर द्वारा चैंबर में पानी की आपूर्ति की जाती है। इसमें टू वे स्विच लगा है। अंदर प्रवेश करते समय व्यक्ति इसे चालू कर देता है और संक्रमण मुक्त होकर बाहर आने पर स्विच बंद कर देता है। इसको काजरी कार्यशाला में डॉ.प्रताप सिंह खापटे, डॉ आर. सोलंकी, डॉ. प्रदीप कुमार, सफीउल्लाह अंसारी, जालम सिंह, अमित सिंह, दिनेश विमल, पी सी बावनकर, संजय पुरोहित, तेजाराम एवं पृथ्वी सिंह ने मिलकर निर्मित की है।
15 हजार में बनाई टनल
इससे कैंपस को संक्रमण मुक्त रखने में मदद मिल रही है। एक यूनिट का निर्माण खर्च केवल 15 हजार रुपए आया है।
-डॉ. ओपी यादव, निदेशक, काजरी जोधपुर