
जोधपुर. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआाई) ने गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर मामले में राजस्थान पुलिस को क्लीन चिट देते हुए एफआर लगाई है। जांच एजेंसी ने एनकाउंटर को सही ठहराया है।
आनंदपाल सिंह चूरू जिले के मालासर गांव में 24 जून, 2017 को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था, जिसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए परिजनों और कुछ संगठनों ने सीबीआई जांच की मांग की थी। राज्य सरकार की ओर से दो बार सीबीआई जांच की सिफारिश की गई, जिसके बाद सीबीआई ने एनकाउंटर की जांच शुरू की थी। सीबीआई ने अपने निष्कर्ष में माना है कि एनकाउंटर के दौरान ईआरटी कमांडो सोहनसिंह को आनंदपाल के हथियार से चली गोली लगी थी।
सांवराद दंगा प्रकरण
पुलिस हिरासत से भागने के बाद चूरू जिले में एनकाउंटर में हार्डकोर आनंदपालसिंह की मृत्यु के विरोध में पैतृक गांव सांवराद में तीन साल पूर्व दंगे भड़कने के मामले में सीबीआइ ने जांच पूरी कर ली। आनंदपालसिंह की पुत्री व वकील के अलावा राजपूत समाज के 22 नेताओं को दंगे भड़काने, तत्कालीन नागौर एसपी व महिला आइपीएस पर जानलेवा हमला करने, पुलिस वाहनों को जलाने का दोषी माना गया है। सीबीआइ नई दिल्ली की स्पेशल क्राइम ब्रांच-२ के उप महानिरीक्षक जगरूपगुरु सिन्हा के निर्देशन में उपाधीक्षक मुकेश शर्मा ने 24 आरोपियों के खिलाफ जोधपुर की सीबीआइ मामलात की अदालत में चार्जशीट पेश की।