
जोधपुर.
विशिष्ट न्यायालय (अनुसूचित जाति जनजाति) की न्यायाधीश अनीमा दाधीच के समक्ष बहुचर्चित भंवरी मामले में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने अमरीकी गवाह को समन भेजने के लिए फिर समय मांगा। आठ वर्ष से चल रहे इस प्रकरण में सीबीआइ की ओर से अमरीकी जांच एजेंसी एफबीआइ की जांच अधिकारी अंबर बी कार के जोधपुर आकर गवाही नहीं दे पाने के चलते विडियो कांफ्रेंसिंग से बयान दर्ज कराने के लिए लगाई गई गत 25 जनवरी को कोर्ट ने खारिज कर दी थी। शुक्रवार को मामले सुनवाई शुरू हुई तो सीबीआइ की ओर से पिछली सुनवाई के दौरान ऑर्डर की कॉपी नहीं मिलने का हवाला देते हुए सुनवाई टालने का निवेदन किया गया था। सीबीआइ के अधिवक्ता ने अर्जी खारिज करने के खिलाफ हाईकोर्ट जाने के लिए समय मांगा। आरोपी की ओर से संजय विश्नोई ने फिर सीबीआइ पर मामले को लम्बा खींचने का आरोप लगाते हुए न्यायालय से आग्रह किया कि अमरीकी गवाह की गवाही बंद कर विचारण आगे बढ़ाया जाए। मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी को होगी।
यह है अमेरिकी गवाह का पेच
अपहरण व हत्या के इस हाइ प्रोफाइल मामले में गवाही देने के लिए अमरीका की जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआइ) की डीएनए एक्सपर्ट अंबर बी कार ने भंवरी की तथाकथित हड्डियों की जांच की थी। सीबीआई ने दावा किया था कि राजीव गांधी लिफ्ट नहर से जो जली हड्डियां बरामद हुई थी वह भंवरीदेवी की ही थी। लेकिन एसएफएल इन हड्डियों का डीएनए निकालने में नाकाम रहा था। लिहाजा हड्डियों के सैंपल अमरीकी जांच एजेंसी को भेजे गए थे। डीएनए एक्सपर्ट अम्बर बी कार को यही जानकारी कोर्ट में देनी है कि नहर में मिली हड्डियां भंवरी देवी की ही हैं या नहीं। इस महत्वपूर्ण गवाह के भारत आकर गवाही नहीं दे पाने के चलते मामला अटक गया है।