जोधपुर

17 देशों में पेयजल समस्या गंभीर, भारत में जल महत्व समझते हैं इसलिए तालाबों की पूजा होती है – शेखावत

- हंगरी के बुडापेस्ट में विश्व जल सम्मेलन में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने रखा भारत का पक्ष  
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Oct 16, 2019
17 देशों में पेयजल समस्या गंभीर, भारत में जल महत्व समझते हैं इसलिए तालाबों की पूजा होती है - शेखावत
17 देशों में पेयजल समस्या गंभीर, भारत में जल महत्व समझते हैं इसलिए तालाबों की पूजा होती है - शेखावत

जोधपुर.
भारत सरकार के केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने कहा कि भारत सहित पूरे विश्व में जल संकट की स्थिति है। भारत सहित 17 देशों में स्थिति विकट है। ऐसे में जल को बचाने के लिए दुनिया को एक प्लेटफार्म पर आना होगा। उन्होंने हंगरी के बुडापेस्ट में विश्व जल सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में यह विचार रखे।

हंगरी सरकार की ओर से आयोजित इस विश्व जल सम्मेलन में केन्द्रीय मंत्री शेखावत का सम्मान किया गया। इससे पहले हंगरी पहुंचने पर हंगरी के राजदूत ने अधिकारियों के साथ शेखावत की अगवानी की। उन्होंने कहा कि दुनिया में पर्यावरण में बदलाव हो रहा है कहीं पर जल प्लावन की स्थिति है, तो कहीं पर वर्षा की कमी होने से जल संकट गहराता जा रहा है। भारतवासियों के लिए प्रकृति सब कुछ है। आदि काल से हमारी सभ्यता एवं संस्कृति नदियों के किनारे ही विकसित हुई। हमारे यहां पर नदियों व तालाबों को पूजा जाता है इसलिए हमारे लिए जल ही जीवन है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जल संरक्षण और जल के संवद्र्धन मिशन के बारे में जानकारी दी राजस्थान की मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना, महाराष्ट्र सरकार के जल सम्मेलनों व गुजरात सरकार के नदियों के जोडऩे संबंधी कार्यों की सराहना की। भारत सरकार ने आगामी वर्ष 2024 तक हर गांव ढाणी के हर घर में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

Published on:
16 Oct 2019 10:12 pm