
जोधपुर।
जोधपुर में बनने वाले प्रदेश के पहले मेडिकल डिवाइस पार्क के आकार लेने की कवायद जारी है। मेडिकल डिवाइस पार्क की धुरी व सबसे महत्वपूर्ण कॉमन फैसिलिटी सेन्टर (सीएफसी) विशाखापट्टनम के आन्ध्र प्रदेश मेड टेक जोन (एएमटीजेड) की तर्ज पर बनाया जाएगा। इसके लिए हाल ही में रीको और एएमटीजेड व कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ एमओयू हुआ है, जिसके तहत यह संस्थान नॉलेज पार्टनर के रूप में मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए तकनीकी सहयोग देगा। कुछ दिनों पूर्व इस एएमटीजेड की विशेषज्ञ टीम ने दौरा भी किया था।
उल्लेखनीय है कि रीको का पूर्व में नॉलेज पार्टनर के रूप में आइआइटी जोधपुर के साथ भी एमओयू हो रखा है।
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15 एकड़ भूमि पर विकसित होगा सीएफसी
रीको बोरानाड़ा विस्तार क्षेत्र में करीब 223 एकड़ जमीन पर करीब 100 करोड़ रुपयों की लागत से मेडिकल डिवाइस पार्क व सीएफसी विकसित किया जाएगा। इसमें करीब 15 एकड़ भूमि पर सीएफसी विकसित किया जाएगा। रीको मेडिकल डिवाइस पार्क के साथ सड़क, पानी, बिजली, ड्रेनेज सिस्टम विकसित कर रहा है।
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ये सुविधाएं होगी सीएफसी में
- सीएफसी में स्टरलाइज्ड प्रोडक्ट की जांच के लिए उच्च गुणवत्ता वाली लेब होगी।
- इथीलीन ऑक्साइड (इटीओ ) गैस से स्टरलाजेशन की सुविधा ।
- स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं व जटिल बीमारियों के रिसर्च के लिए अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर की सुविधा ।
- सीएफसी में ऐसे प्रोजेक्ट स्थापित किया जाएंगे, जिसमें नए उत्पादों की लागत मूल्य में 40-50 प्रतिशत कमी आएगी।
- कोरोना या अन्य किसी भी वायरस से हैल्थ वर्कर, शल्य चिकित्सक को एरोसोल अर्थात बैक्टीरीया से बचाने के लिए नए उपकरण बनाने की इकाई लग सकेगी।
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मेक इन इंडिया को मिलेगा बूस्ट
यहां मेडिकल इंडस्ट्री से संबंधित डिवाइस नीडल्स, सीरिंज, आइवी सेट, केथेटर्स, ग्लव्स, थर्मोमीटर, स्टेथेस्कोप, डायग्नोस्टिक इक्वीपमेंट, इसीजी उपकरण, सीटी स्केन, एक्सरे, रोबोट्स, पेसमेकर्स व सर्जीकल इंस्ट्रूमेंट्स से संबंधित निर्माण इकाइयां लग सकेगी। इससे हेल्थ केयर सेंटर में मेक इन इंडिया को बूस्ट मिलेगा व विदेशों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, यहां के मौजूदा उद्योगों को भी सपोर्ट मिलेगा। साथ ही, हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
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रीको का विशाखापट्टनम के एएमटीजेड संस्थान के साथ एमओयू हुआ है, जो मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए तकनीकी सहयोग देगा। आगामी दिनों में एएमटीजेड की मेडिकल डिवाइस उद़्योग से जुड़े उद्योग संघों के साथ बैठक होगी, जिसमें उनके सुझावों को शामिल कर कार्य किया जाएगा।
सुनिल परिहार, स्वतंत्र निदेशक
रीको