
जोधपुर. सूर्योपासना से जुड़ा चार दिवसीय डाला छठ पूजन उत्सव बुधवार को ‘नहाए खाए’ की रस्म के साथ शुरू हो गया। रातानाडा, कुड़ी भगतासनी, एयरफोर्स, बनाड़ सैन्य क्षेत्र, मधुबन हाउसिंग बोर्ड में निवासरत बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड व पूर्वोत्तर राज्यों के मूलवासियों की व्रती महिलाओं ने पवित्र स्नान कर प्रसाद बनाया और सपरिवार ग्रहण किया। गुरुवार को खरना की रस्म के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू होगा। चार दिवसीय कठिन व्रत के तीसरे दिन 20नवम्बर को छठ व्रती महिलाएं घरों में आस-पास के जलकुंड अथवा घर आंगण परिसर में अपनी सुविधानुसार छठ पूजन के लिए अस्ताचलगामी सूर्य को प्रथम अघ्र्य देगी। शनिवार 21 नवम्बर को उदित सूर्य को अघ्र्य देकर कठिन व्रत का पारणा किया जाएगा। व्रती महिलाओं ने बुधवार को छठ महापूजन के लिए ऋतु फलों तथा पूजन सामग्री खरीदी। रातानाडा, कुड़ी भगतासनी, एयरफोर्स, बनाड़ सैन्य क्षेत्र, मधुबन हाउसिंग बोर्ड में निवासरत बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड व पूर्वोत्तर राज्यों के मूलवासियों की व्रती महिलाओं ने पवित्र स्नान कर प्रसाद बनाया और सपरिवार ग्रहण किया।