
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर सहित अन्य स्थानों पर मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त वाणिज्यिक न्यायालय खोलने के मामले में राज्य के विधि एवं विधिक कार्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव को मंगलवार को उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा व न्यायाधीश देवेन्द्र कछवाहा की खंडपीठ में राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अनिल भंडारी ने कहा कि वर्तमान में जोधपुर में एक ही वाणिज्यिक न्यायालय होने से लगभग 2 हजार 700 प्रकरण लंबित हैं, जिसमें बीकानेर जिले के करीब छह सौ प्रकरण हैं। जोधपुर में 3 और अतिरिक्त न्यायालय व बीकानेर में एक न्यायालय खोले जाने की तत्काल जरूरत है। उन्होंने अजमेर, कोटा एवं उदयपुर में भी एक-एक न्यायालय खोले जाने की आवश्यकता बताई। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि अधीनस्थ न्यायालयों में संसाधन व बजट उपलब्धता को लेकर त्वरित कदम नहीं उठाए जा रहे। कोर्ट ने प्रमुख शासन सचिव विधि को अगली सुनवाई पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से अधिवक्ता डा.सचिन आचार्य और राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता संदीप शाह ने पैरवी की।