
लोकसभा चुनाव की तैयारियों के संबंध में बैठक लेने आए एआइसीसी सचिव विवेक बंसल के समक्ष जताई दावेदारी
जोधपुर. एक तरफ जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को लोकसभा चुनाव मैदान में उतारने की चर्चाएं हैं तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री के भतीजे और वैभव के चचेरे भाई राजेश गहलोत ने भी लोकसभा चुनाव में बतौर प्रत्याशी दावेदारी ठोक दी है। उन्होंने शनिवार को सर्किट हाउस में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विवेक बंसल के समक्ष अपनी दावेदारी पेश की। इसके अलावा पूर्व मंत्री पूनमचंद विश्नोई के भतीजे जोधपुर डेयरी चेयरमैन रामलाल विश्नोई और कांग्रेस नेता करणसिंह उचियारड़ा ने भी टिकट के लिए दावेदारी जताई। राजेश के दावेदारी करने की खबर सीएम के गृह जिले के सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बन गई है।
दरअसल, राजेश गहलोत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सगे बड़े भाई कंवर सेन गहलोत के पुत्र हैं। जिनका गत १८ अक्टूबर को निधन हो गया था। सर्किट हाउस में राजेश ने बंसल के समक्ष टिकट की दावेदारी जताई। राजेश ने बताया कि उनके समर्थकों ने टिकट मांगा है। राजनीति में कोई आता है तो उसकी कोई न कोई महत्वकांक्षा होती है। उन्होंने कहा कि समर्थकों की इच्छा है कि मैं भी आगे आऊं। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव करणसिंह उचियारड़ा ने भी अपनी दावेदारी जताना स्वीकार किया। उचियारड़ा ने विधानसभा चुनाव में लोहावट विस क्षेत्र से दावेदारी जताई थी। वहीं पूर्व मंत्री पूनमचंद विश्नोई के भतीजे जोधपुर डेयरी के चेयरमैन रामलाल विश्नोई ने कहा कि जमीन से जुड़े व साधारण कार्यकर्ताओं के साथ दिग्गज परिवारों के नातेदारों को भी टिकट दिया जा रहा है तो उन्हें भी टिकट मिलना चाहिए। हालांकि जिला कांग्रेस की बैठक में सभी ने लोकसभा प्रत्याशी चयन का जिम्मा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जिम्मे सौंपा था।