प्रदेश की सियासत में हलचल : मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व पूर्व सांसद गज सिंह दिखे साथ-साथ
जोधपुर.
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व पूर्व सांसद गज सिंह के बीच सियासत की कथित दूरियां कम होती जा रही है। जोधपुर संभाग में गौरव यात्रा के समापन पर दोनों एक साथ नजर आने से प्रदेश की सियासत में हलचल मच रही है। दोनों के एक साथ दिखने एवं कुछ दिन पूर्व दोनों के बीच मंत्रणा के बाद विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत में क्या नया होने वाला हैं, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन दोनों के एक साथ कार्यक्रम में शरीक होने को लेकर राजनीति के धुरंधर कई कयास लगाने लगे हैं।
संभाग में गौरव यात्रा के समापन पर बाड़मेर जिले के नागाणा में नागणेच्या माता के दर्शन-पूजन के दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और जोधपुर के पूर्व सांसद गज सिंह एक साथ नजर आए। इस दौरान राजे ने गजसिंह के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। गजसिंह ने उन्हें नागणेच्या माता की तस्वीर भेंट कर अभिनंदन किया। यहां देवस्थान विभाग की ओर से निर्मित दो करोड़ लागत की धर्मशाला लोकार्पण के सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री राजे और गज़ सिंह का एक साथ नजर आना विधानसभा चुनाव से पहले सियासी मायने रखता है। यहां ट्रस्ट अध्यक्ष व पूर्व सांसद गजसिंह एवं मंदिर प्रबंध समिति के कार्यकारी अध्यक्ष उम्मेदसिंह अराबा के साथ मंत्रणा भी की। राजपूत समाज में गज सिंह की गहरी पैठ और मजबूत पकड़ भी है।
उल्लेखनीय है कि गजसिंह की बहन चंद्रेश कुमारी के पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से चुनाव लडऩे के दौरान गजसिंह ने बहन के चुनावी प्रचार से सार्वजनिक रूप से दूरी बनाए रखी थी। हाल में जोधपुर की पूर्व राजमाता कृष्णाकुमारी के निधन पर भी मुख्यमंत्री सान्त्वना देने उम्मेद भवन पहुंची थी। यहां दोनों में काफी देर मंत्रणा भी हुई थी। इधर, बाड़मेर में पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के पुत्र विधायक मानवेंद्र और पुत्र वधु चित्रा ने 22 सितम्बर को स्वाभिमान रैली का एेलान कर रखा है। दोनों राजपूत समाज और समर्थकों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। इस बीच गजसिंह और राजे का एक साथ दिखना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।