14 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Govt Scheme: राजस्थान सरकार की इस योजना में मिलती है 50 लाख तक की आर्थिक सहायता और 5000 रुपए महीना, जानें पूरी जानकारी

Rajasthan Govt Scheme: योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को इलाज के लिए अधिकतम 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा खर्चों के लिए प्रति माह 5 हजार रुपए की सहायता राशि भी प्रदान की जाती है।

2 min read
Google source verification

CM Bhajan Lal Sharma: फोटो पत्रिका

Rajasthan Govt Scheme: फलोदी। गंभीर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए राजस्थान सरकार की ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना 2024’ उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित इस योजना के तहत ऐसे बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है।

यह वीडियो भी देखें

यह योजना विशेष रूप से उन बच्चों के लिए लाभकारी है, जो भारत सरकार की राष्ट्रीय दुर्लभ बीमारी नीति 2021 के तहत सूचीबद्ध बीमारियों से ग्रसित हैं। महंगे इलाज के कारण जहां पहले परिवार आर्थिक संकट में आ जाते थे, वहीं अब यह योजना उन्हें बड़ी राहत दे रही है।

18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मिलेगा लाभ

समाज कल्याण अधिकारी केपीसिंह ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य के ऐसे बालक-बालिकाएं जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है और जिन्हें अधिकृत संस्थानों द्वारा दुर्लभ बीमारी से पीड़ित प्रमाणित किया गया है, वे पात्र होंगे। इस योजना में आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार लाभान्वित हो सकें।

कैसे मिलता है योजना का लाभ

योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को इलाज के लिए अधिकतम 50 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा देखभाल एवं अन्य आवश्यक खर्चों के लिए प्रति माह 5 हजार रुपए की सहायता राशि भी प्रदान की जाती है। इससे न केवल उपचार संभव हो रहा है, बल्कि परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम हो रहा है।

दुर्लभ बीमारी की पुष्टि केवल अधिकृत चिकित्सा संस्थानों द्वारा की जाएगी। इसके लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जोधपुर तथा जेके लोन अस्पताल, जयपुर को अधिकृत किया गया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की जांच के बाद ही योजना का लाभ दिया जाएगा।

ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता

योजना के तहत आवेदन ई-मित्र या एसएसओ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। आवेदन के साथ आवश्यक चिकित्सकीय दस्तावेज अपलोड करने होते हैं, जिसके बाद प्रक्रिया पूरी कर सहायता स्वीकृत की जाती है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है तथा आवेदकों को हर चरण की जानकारी मोबाइल के माध्यम से मिलती रहती है।

परिवारों के लिए बड़ी राहत

समाज कल्याण अधिकारी केपीसिंह ने बताया कि यह योजना न केवल दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है, बल्कि उनके परिवारों के लिए आर्थिक और मानसिक संबल भी बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से समय पर उपचार संभव होगा और बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।