
धरने में शामिल हुए हनुमान बेनीवाल
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब बात किसानों के हक की आती है, तो वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। जोधपुर रिंग रोड परियोजना से प्रभावित किसानों के जाजीवाल भाटियान में चल रहे 81 दिवसीय धरने में शामिल होकर बेनीवाल ने सीधे तौर पर प्रशासन को अल्टीमेटम दिया, जिसके बाद देर रात अफसरों को धरना स्थल पर आकर मांगों पर सहमति जतानी पड़ी।
जोधपुर रिंग रोड के निर्माण के कारण अपनी जमीनें और रास्ते खो चुके किसान जाजीवाल भाटियान में धरना दे रहे थे। सोमवार को जैसे ही हनुमान बेनीवाल वहां पहुंचे, आंदोलन को नई ऊर्जा मिल गई। किसानों ने सांसद को बताया कि कैसे घटिया निर्माण, जलभराव और मुआवजे में धांधली ने उनका जीना मुहाल कर दिया है। खेतों तक जाने के रास्ते बंद हो चुके हैं और सर्विस रोड के नाम पर केवल आश्वासन मिले हैं।
सांसद बेनीवाल ने धरना स्थल पर अपने संबोधन में किसी को नहीं बख्शा। उन्होंने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसान सड़कों पर हैं, लेकिन भाजपा और कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता इनके आंसू पोंछने नहीं आया। दोनों पार्टियां केवल वोटों की राजनीति करती हैं, किसानों के दर्द से इन्हें कोई सरोकार नहीं है।" उन्होंने साफ किया कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) हमेशा किसानों के साथ ढाल बनकर खड़ी रहेगी।
सांसद ने दो-टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगें तुरंत नहीं मानी गईं, तो वे हजारों किसानों के साथ जोधपुर शहर का रुख करेंगे और पूरे सिस्टम को ठप कर देंगे। इस 'जोधपुर कूच' के ऐलान से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया।
देर रात एनएचएआई (NHAI) और जिला प्रशासन के आला अधिकारी वार्ता के लिए पहुंचे। कई घंटों तक चली इस गर्मागर्म बहस के बाद प्रशासन को निम्नलिखित बिंदुओं पर लिखित सहमति बनी:
सांसद हनुमान बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि वे केवल कागजी सहमति से संतुष्ट नहीं होंगे। यदि तय समय सीमा में काम शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र होगा। इस वार्ता के बाद किसानों में खुशी की लहर है, लेकिन उनका संघर्ष यह याद दिलाता है कि सिस्टम को जगाने के लिए 'हुंकार' कितनी जरूरी है।
Updated on:
14 Apr 2026, 11:18 AM IST
Published on:
14 Apr 2026, 11:18 AM IST
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