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Rajasthan Politics : किसानों के ‘ड्यूटी ऑवर्स’ पर सियासत गरम, सीएम भजनलाल के बाद अब क्या बोले अशोक गहलोत? 

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के किसानों को लेकर दिए गए '15-20 दिन के काम' वाले बयान को किसानों का अपमान बताते हुए तीखा पलटवार किया है। गहलोत ने कहा कि किसान महीनों खून-पसीना बहाता है, तब जाकर फसल आती है; केवल 'नाम की किसानी' करने वाले ही ऐसी बातें कर सकते हैं।

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ashok gehlot bhajanlal sharma File PIC

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राजस्थान की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने किसानों के काम के दिनों का जिक्र किया था। गहलोत ने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि किसान का जीवन संघर्षों से भरा होता है, उसे 20 दिनों की सीमा में बांधना उसकी मेहनत का अपमान है। इसके साथ ही गहलोत ने 'आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी' घोटाले में सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए इसे देश के बड़े घोटालों में से एक बताया।

'किसान 20 दिन नहीं, महीनों संघर्ष करता है'

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के किसानों को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक गहलोत ने कहा, "मुख्यमंत्री खुद को किसान कहते हैं, तो उन्हें अनुभव का सही इस्तेमाल करना चाहिए। मुझे लगता है कि वे खुद शायद साल में 15-20 दिन ही खेत पर जाते होंगे, इसलिए उन्हें लगता है कि सभी किसान इतना ही काम करते हैं। यह 'नाम की किसानी' का अनुभव है।"

गहलोत ने आगे कहा कि किसान अपनी फसल के लिए लगातार महीनों तक मेहनत करता है। ओलावृष्टि और फसलों में लगने वाली बीमारियां उसकी कमर तोड़ देती हैं। जब फसल खराब होती है, तो किसान के दिल में जो आग लगती है, उसे केवल वही समझ सकता है। इस तरह के बयान किसानों की भावनाओं को आहत करने वाले हैं।

'आरोपियों के वकील बन गए सरकारी वकील'

अशोक गहलोत ने आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव घोटाले को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह हिंदुस्तान के सबसे बड़े घोटालों में से एक है। गहलोत ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा, "क्या आपने कभी सुना है कि जो सरकारी वकील (AAG) सरकार का पक्ष रखने के लिए हैं, वही इस घोटाले के मुल्जिमों के भी वकील बन जाएं? यह मिलीभगत की पराकाष्ठा है।"

गहलोत ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सरकार की जानकारी और मिलीभगत से हो रहा है, वरना ऐसी घटना पर उसी दिन कार्रवाई होनी चाहिए थी।

संवेदनहीनता और मिलीभगत का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार संवेदनहीनता की राह पर चल रही है। एक तरफ किसानों की मेहनत का मजाक उड़ाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ लाखों निवेशकों का पैसा हड़पने वाले घोटालेबाजों को सरकारी तंत्र का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता इन सब गतिविधियों को देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।

राजस्थान की जनता और निवेशकों का दर्द

आदर्श सोसाइटी घोटाले में राजस्थान के लाखों परिवारों की गाढ़ी कमाई फंसी हुई है। गहलोत ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर वे आगे भी विस्तार से बात करेंगे और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि वे नेता प्रतिपक्ष की बातों को गंभीरता से लें और दागी वकीलों व आरोपियों के खिलाफ तुरंत सख्त कदम उठाएं।