
जोधपुर. राज्य सरकार के एनिमिया मुक्त कार्यक्रम को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत 0 से 59 माह के बच्चों को मिलने वाली आइएफए सिरप (आयरन फोलिक एसिड) भी समय पर उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। प्रदेश के 17 जिलों को दिया गया टारगेट भी 30 फीसदी से कम रहा है। इस बात से खफा चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निदेशक ( आरसीएच) ने गंभीरता से लिया है। प्रदेश के 17 जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
उन्होंने कहा कि उपभोग की रिपोर्ट जुलाई माह तक अत्यंत कम व प्रगति नगण्य रही है। उन्होंने सभी जिलों से कार्ययोजना बनाकर कार्य करने की नसीहत दी है। बाड़मेर, जोधपुर, सवाईमाधोपुर व बीकानेर का प्रगति प्रतिशत औसतन १० फीसदी से भी कम रही है। जिसको भी उच्चाधिकारियों ने गंभीरता से लिया है।
ऐसे कैसे होगा एनिमिया मुक्त राजस्थान
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनिमिया मुक्त जैसे कार्यक्रम को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। अधिकारी लंबे समय से कोरोना की आड़ में दूसरे कार्य कर नहीं रहे। प्रदेश को एनिमिया मुक्त कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है , दूसरी ओर स्वास्थ्य अधिकारी ऐसे कार्यों में ढिलाई बरत रहे हैं।
अप्रेल से नवंबर माह की रिपोर्ट