
जोधपुर. राजकीय माध्यमिक विद्यालय मंडोर नंबर 1 में ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी में बच्चे स्कूल के पास की प्याऊ से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं। स्कूल के जिम्मेदारों का कहना है कि स्कूल का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चुनाव ड्यूटी पर हंै। इस कारण स्कूल के बच्चे प्याऊ से ठंडा पानी लाते हैं। शिक्षा विभाग के प्रारंभिक स्कूलों के हालात की यह बानगी है ज्यादातर स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही नहीं है। इस कारण अधिकतर कार्य शिक्षकों और विद्यार्थियों के भरोसे हो रहा है। कई स्कूलों में मिड डे मील के बर्तन तक बच्चे साफ करते हैं।केवल नामांकन बढ़ाने की जुगतशिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में सुविधा व संसाधनों का टोटा है। कई स्कूल में विषयाध्यापक नहीं है। दूसरी तरफ शिक्षा विभाग स्कूलों को नामांकन बढ़ाने का टारगेट दे रहा हंै। जबकि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की हालत ऐसी है कि प्रशिक्षित शिक्षक होने के बावजूद अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिला रहे हैं।
इनका कहना है...
‘ठंडा पानी पीने के लिए बच्चे प्याऊ पर जाते हैं। टीचर पानी की बोतल साथ लाते हैं। हमारे एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है, जो इलेक्शन में लगा हुआ है।
- शिव कुमार शर्मा, प्रिंसिपल, रामावि मंडोर नं. 1 स्कूल