जोधपुर

Rajasthan: चिंकारे व काले हिरणों का 14 साल बाद मिलेगा हक, 1449 बीघा जमीन सौंपने की कवायद शुरू

जोधपुर जिले के गुड़ा विश्नोइयां क्षेत्र में काले हिरणों और चिंकारों के संरक्षण के लिए करीब 14 वर्ष पूर्व घोषित 231.87 हेक्टेयर (1449.19 बीघा) भूमि को वन विभाग के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया आखिरकार गति पकड़ चुकी है।

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Feb 20, 2026
फाइल फोटो-पत्रिका

जोधपुर। जिले के गुड़ा विश्नोइयां क्षेत्र में काले हिरणों और चिंकारों के संरक्षण के लिए करीब 14 वर्ष पूर्व घोषित 231.87 हेक्टेयर (1449.19 बीघा) भूमि को वन विभाग के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया आखिरकार गति पकड़ चुकी है। राज्य सरकार ने 15 दिसंबर, 2011 को जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से गुड़ा विश्नोइयां क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र घोषित किया था।

यह जमीन वर्तमान में जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के अधीन है। राज्य सरकार की ओर से इसकी वस्तुस्थिति की रिपोर्ट लेने और जिला प्रशासन तथा जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंतसिंह विश्नोई के हस्तक्षेप के बाद लंबे समय से अटकी वन विभाग के नाम भूमि नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने की कवायद तेज हो चुकी है।

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अभयारण्य जैसे नियम लागू

गुड़ा विश्नोइयां को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित किए जाने के साथ ही यहां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 36ए (2) के प्रावधान लागू हो गए थे। वन विभाग ने यहां सीमांकन, चौकी निर्माण, जालियों की स्थापना, ट्रैक निर्माण और नियमित पेट्रोलिंग जैसी व्यवस्थाएं भी विकसित की हैं। यह क्षेत्र काले हिरण, चिंकारा, नीलगाय, मरु लोमड़ी सहित कई वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। सर्दियों में प्रवासी पक्षियों का आगमन यहां की जैव विविधता को और समृद्ध बनाता है।

ये होंगे फायदे

  • वन्यजीवों को स्थायी कानूनी संरक्षण।
  • अवैध खनन गतिविधियों पर नियंत्रण।
  • इको-टूरिज्म को बढ़ावा।
  • स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर।
  • जैव विविधता का दीर्घकालिक संरक्षण।

नए सिरे से कवायद शुरू

गुड़ा क्षेत्र में कंजर्वेशन रिजर्व घोषित की गई भूमि वन विभाग के नाम करने के लिए जेडीए की ओर से त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए नए सिरे से कवायद शुरू की गई है। ऐसे में जल्द ही भूमि वन विभाग को हस्तांतरित होने की अपेक्षा है। -रमेश मूंड, उप वन संरक्षक (वन्यजीव), जोधपुर

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Published on:
20 Feb 2026 06:05 am
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