
जोधपुर। इंदिरा गांधी नहर परियोजना IGNP में क्लोजर शुरू हो चुका है। Water की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए पश्चिमी राजस्थान में जतन किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पानी चोरों की सेंधमारी अधिकारियों को मजबूर कर रही है। हालात यह है कि जब से पानी की किल्लत हुई और गर्मी का दौर शुरू हुआ तब से करीब 200 से ज्यादा स्थानों पर पानी चोरी पकड़ी जा चुकी है और एक करोड़ से अधिक का जुर्माना भी वसूला जा चुका है। लेकिन इसके बावजूद इन पर लगाम नहीं लगाई जा सकी है।
हमने कुछ ऐसे की बचत
Jodhpur City व जिला पिछले दो साल से बचत कर रहा है और नहरबंदी शुरू होने के बाद बचत और बढ़ा दी गई है। एक माह में शहरी क्षेत्र में तीन दिन और ग्रामीण क्षेत्र में चार दिन का 24-24 घंटे का शटडाउन लिया जा रहा है। अब इसे बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। जिससे पाली को पानी आसानी से उपलब्ध करवाया जा सके।
कुछ ऐसे पकड़ी है चोरियां
लूणी और शेरगढ़ का क्षेत्र सबसे ज्यादा पानी चोरों का गढ़ रहा है। पेयजल लाइन में सेंधमारी कर टैंकर भरे जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में अकेले लूणी क्षेत्र में 36 ऐसे प्रकरण सामने आए हैं। अधिशासी अभियंता जिला खंड द्वितीय प्रकाश बाफना बताते हैं कि सघन जांच कर रहे हैं, जिससे चोरियां पकड़ने में कामयाब रहे हैं। इन पानी चोरी के प्रकरणों से करीब 20 लाख का जुर्माना भी वसूला है।
फैक्ट फाइल
- 80 एमएलडी पानी कम मिल रहा पंजाब से पिछले कुछ दिनों में
- 3 शटडाउन होने लगे हैं एक माह में- 200 से ज्यादा पानी चोरी के प्रकरण पकड़े गए हैं
- 55 हजार का जुर्माना लगाया जा रहा पानी चोरों पर- 1 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया गया
जनता भी लुट रही
सरकारी पाइप लाइन में सेंधमारी कर पानी के टैंकर भरे जाते हैं। जिन दूर दराज के क्षेत्रों में किल्लत है, वहां ये टैंकर 800 से 1000 रुपए में बिक रहे हैं। जोधपुर के ग्रामीण क्षेत्रों से पानी भर कर नजदीकी पाली जिले के गांवों में भी ये टैंकर सप्लाई कर रहे हैं। जबकि पीएचईडी महज 110 रुपए की रसीद कटवाकर टैंकर भरवा रहा है।
पानी चोरों के प्रकरण लगातार पकड़ रहे हैं। पाइप लाइन में जहां भी सेंध लगती है वहां कनेक्शन काट देते हैं। टैंकर या अन्य पानी चोरी करने वाले वाहनों को पकड़ना हमारे क्षेत्राधिकार में नहीं है, ऐसे में इन पर लगाम नहीं लगा सकते।
शरद माथुर, अधीक्षण अभियंता, पीएचईडी जिला वृत्त जोधपुर।